{"_id":"66a993291e36f926fc0ae4ed","slug":"pm-avas-yogna-samba-news-c-289-1-sjam1009-103167-2024-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: नियमों की अड़चनों में टूट रही आवास की आस, अधूरे खड़े ढांचाें तक सिमटा विकास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: नियमों की अड़चनों में टूट रही आवास की आस, अधूरे खड़े ढांचाें तक सिमटा विकास
Wed, 31 Jul 2024 06:58 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Wed, 31 Jul 2024 06:58 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीएम आवास योजना में दो बड़े रोड़े...गरीब परिवारों के पास निर्माण के लिए पैसा नहीं, दिशानिर्देशों की जागरुकता का अभाव
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा/मीरां साहिब। प्रधानमंत्री आवास योजना में नियमों की अड़चनें लोगों की आवास की आस को तोड़ रही हैं। योजना में पहला बड़ा रोड़ा जेब से धन राशि खर्च करना है। 1.72 लाख में दो कमरे बनाना मुश्किल हो रहा है। दूसरा लोगों में योजना से जुड़े दिशा निर्देशों की समझ न होना है। जिले सहित कई ब्लॉकों में अधूरे ढांचे किस्त के इंतजार में हैं।
सांबा जिले में कई लोग प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं उठा पाए हैं। कई लोगों के राशन कार्ड संयुक्त होने पर उन्हें लाभ नहीं मिल पाया है। कुछ लोगों का दावा है कि वे पात्र हैं, लेकिन सूची में कभी नाम ही नहीं आया। कई ऐसे भी हैं जिन्हें एक ही किस्त मिली है। आराजी मोहल्ला सांबा के कुछ ग्रामीणों को तो इंदिरा आवास योजना के वक्त की पहली किस्त मिली है। इसके बाद प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू हो गई और इंदिरा आवास का पोर्टल बंद हो गया। अब इनको न तो इंदिरा आवास योजना का लाभ मिला और न ही प्रधानमंत्री आवास योजना का।
झोपड़ी में रह रहे हैं, योजना में नाम नहीं आया
अधूरे ढांचे की पहली कहानी ब्लॉक घगवाल के संगवाली गांव के तरसेम लाल, बलदेव राज और भजन लाल की है। तीनों झोपड़ी में रह रहे हैं। उनका नाम कभी प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में नहीं आया। बरसात में पानी घर में घुस जाता है। प्रशासन से मिली एक तिरपाल इस बरसात में झोपड़ी पर डाली गई है।
विज्ञापन
आठ महीने से तीसरी किस्त का इंतजार
गांव कृष्णा नगर के बचन लाल का कहना है कि पहली किस्त मिलने पर प्लिंथ भरने के बाद दूसरी किस्त से दीवारें खडी कर दी हैं, लेकिन छत बनाए जाने के लिए आठ माह बाद भी तीसरी किस्त नहीं मिल पाई है। इसके चलते किराए के मकान में रहना पड़ रहा है।
मंडी ठलोरा के अंकुज बोले-पहली किस्म में दीवारें ही खड़ी हो पाईं, अब पैसा नहीं है
कस्बे की मंडी ठलोरा निवासी अंकुज ने बताया कि उन्हें एक साल पहले प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली किस्त मिली थी। इससे दीवारें ही खड़ी हो पाईं। इस बीच उनकी मां बीमार पड़ गईं। नगर परिषद ने कहा कि कुछ धन अपनी ओर से खर्च करो, लेकिन पैसा नहीं है जिससे काम बढ़ाने के लिए दूसरी किस्त नहीं मिल पा रही है।
अपने घर से गए; किराए पर रह रहे, अब किस्त की जगह आश्वासन मिल रहे
ब्लॉक मीरां साहिब के कई परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तीसरी किस्त नहीं मिली है। पंचायत मरालिया के गांव कृष्णा नगर के बंसी लाल का कहना है कि एक वर्ष पहले दूसरी किस्त मिली थी। तीसरी का इंतजार है। अधिकारी सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं।
सांबा में दो साल में1202 परिवारों को मिल पाई आवास योजना की दूसरी किस्त
सांबा में दो साल में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 1388 लोगों ने मकान बनाने के लिए आवेदन किया। इसमें से 1381 परिवारों को पहली किस्त दी गई। 1202 लोगों को दूसरी किश्त मिली है। केवल 335 परिवार ही तीसरी किस्त ले पाए हैं। जानकारी के अनुसार ग्रामीण विकास विभाग की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 1,72000 रुपये की धन राशि रखी गई है। तीन किस्तों में धन राशि दी जाती है।
पूर्व सरपंच का फंड न मिलने का आरोप, विभाग ने कहा-दिशानिर्देशों का पालन नहीं कर रहे लोग
मारीं साहिब ब्लॉक की पंचायत मरालिया के पूर्व सरपंच किशोर कुमार का कहना है कि जब आवास की राशि के लिए कार्यालय जाते हैं तो वहां राशि नहीं होने की बात कहकर टाल दिया जाता है। ब्लॉक मीरां साहिब के खंड विकास अधिकारी हिम्मत सिंह का कहना है कि 30 मार्च तक दूसरी व तीसरी किस्त की राशि का भुगतान किया गया है। कई परिवार ऐसे हैं जिन्होंने दिशानिर्देशों के मुताबिक कार्य नहीं करवाया, इसलिए उनकी राशि रोकी गई है। शीघ्र ही तीसरी व चौथी किस्त की राशि जारी की जाएगी।
बकाया भुगतान उन परिवारों का ही है, जिन्होंने किसी कारणवश अपने घर का काम मुकम्मल नहीं किया है। जो परिवार काम समय पर मुकम्मल करते हैं, उन्हें अगली किस्त दी जाती है। विभाग समय-समय पर ऐसे परिवारों को जानकारी भी देता रहता है।
- तिलक राज, बीडीओ, ग्रामीण विकास विभाग सांबा
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा/मीरां साहिब। प्रधानमंत्री आवास योजना में नियमों की अड़चनें लोगों की आवास की आस को तोड़ रही हैं। योजना में पहला बड़ा रोड़ा जेब से धन राशि खर्च करना है। 1.72 लाख में दो कमरे बनाना मुश्किल हो रहा है। दूसरा लोगों में योजना से जुड़े दिशा निर्देशों की समझ न होना है। जिले सहित कई ब्लॉकों में अधूरे ढांचे किस्त के इंतजार में हैं।
सांबा जिले में कई लोग प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं उठा पाए हैं। कई लोगों के राशन कार्ड संयुक्त होने पर उन्हें लाभ नहीं मिल पाया है। कुछ लोगों का दावा है कि वे पात्र हैं, लेकिन सूची में कभी नाम ही नहीं आया। कई ऐसे भी हैं जिन्हें एक ही किस्त मिली है। आराजी मोहल्ला सांबा के कुछ ग्रामीणों को तो इंदिरा आवास योजना के वक्त की पहली किस्त मिली है। इसके बाद प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू हो गई और इंदिरा आवास का पोर्टल बंद हो गया। अब इनको न तो इंदिरा आवास योजना का लाभ मिला और न ही प्रधानमंत्री आवास योजना का।
विज्ञापन
झोपड़ी में रह रहे हैं, योजना में नाम नहीं आया
अधूरे ढांचे की पहली कहानी ब्लॉक घगवाल के संगवाली गांव के तरसेम लाल, बलदेव राज और भजन लाल की है। तीनों झोपड़ी में रह रहे हैं। उनका नाम कभी प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में नहीं आया। बरसात में पानी घर में घुस जाता है। प्रशासन से मिली एक तिरपाल इस बरसात में झोपड़ी पर डाली गई है।
विज्ञापन
आठ महीने से तीसरी किस्त का इंतजार
गांव कृष्णा नगर के बचन लाल का कहना है कि पहली किस्त मिलने पर प्लिंथ भरने के बाद दूसरी किस्त से दीवारें खडी कर दी हैं, लेकिन छत बनाए जाने के लिए आठ माह बाद भी तीसरी किस्त नहीं मिल पाई है। इसके चलते किराए के मकान में रहना पड़ रहा है।
मंडी ठलोरा के अंकुज बोले-पहली किस्म में दीवारें ही खड़ी हो पाईं, अब पैसा नहीं है
कस्बे की मंडी ठलोरा निवासी अंकुज ने बताया कि उन्हें एक साल पहले प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली किस्त मिली थी। इससे दीवारें ही खड़ी हो पाईं। इस बीच उनकी मां बीमार पड़ गईं। नगर परिषद ने कहा कि कुछ धन अपनी ओर से खर्च करो, लेकिन पैसा नहीं है जिससे काम बढ़ाने के लिए दूसरी किस्त नहीं मिल पा रही है।
अपने घर से गए
ब्लॉक मीरां साहिब के कई परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तीसरी किस्त नहीं मिली है। पंचायत मरालिया के गांव कृष्णा नगर के बंसी लाल का कहना है कि एक वर्ष पहले दूसरी किस्त मिली थी। तीसरी का इंतजार है। अधिकारी सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं।
सांबा में दो साल में1202 परिवारों को मिल पाई आवास योजना की दूसरी किस्त
सांबा में दो साल में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 1388 लोगों ने मकान बनाने के लिए आवेदन किया। इसमें से 1381 परिवारों को पहली किस्त दी गई। 1202 लोगों को दूसरी किश्त मिली है। केवल 335 परिवार ही तीसरी किस्त ले पाए हैं। जानकारी के अनुसार ग्रामीण विकास विभाग की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 1,72000 रुपये की धन राशि रखी गई है। तीन किस्तों में धन राशि दी जाती है।
पूर्व सरपंच का फंड न मिलने का आरोप, विभाग ने कहा-दिशानिर्देशों का पालन नहीं कर रहे लोग
मारीं साहिब ब्लॉक की पंचायत मरालिया के पूर्व सरपंच किशोर कुमार का कहना है कि जब आवास की राशि के लिए कार्यालय जाते हैं तो वहां राशि नहीं होने की बात कहकर टाल दिया जाता है। ब्लॉक मीरां साहिब के खंड विकास अधिकारी हिम्मत सिंह का कहना है कि 30 मार्च तक दूसरी व तीसरी किस्त की राशि का भुगतान किया गया है। कई परिवार ऐसे हैं जिन्होंने दिशानिर्देशों के मुताबिक कार्य नहीं करवाया, इसलिए उनकी राशि रोकी गई है। शीघ्र ही तीसरी व चौथी किस्त की राशि जारी की जाएगी।
बकाया भुगतान उन परिवारों का ही है, जिन्होंने किसी कारणवश अपने घर का काम मुकम्मल नहीं किया है। जो परिवार काम समय पर मुकम्मल करते हैं, उन्हें अगली किस्त दी जाती है। विभाग समय-समय पर ऐसे परिवारों को जानकारी भी देता रहता है।
- तिलक राज, बीडीओ, ग्रामीण विकास विभाग सांबा