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Jammu News: पीएचसी सनूरा में नहीं चिकित्सक, सात पंचायतों के लोग परेशान
Sat, 13 Jul 2024 05:33 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Sat, 13 Jul 2024 05:33 AM IST
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जिले के चार ब्लॉक में डॉक्टरों के 20 पद खाली, भर्ती करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सनूरा में चिकित्सक ही नहीं है। यहां डॉक्टरों के दो पद हैं, लेकिन मौजूदा समय में दोनों खाली पड़े हैं। स्वास्थ्य केंद्र में एक इंडियन आयुर्वेदिक मेडिसन सिस्टम (आईएमएसएस) डॉक्टर और एक दंत चिकित्सक और स्टाफ नर्स का पद खाली है। यहां रोज 20 से 25 मरीजों की ओपीडी रहती है, जबकि बुधवार को संख्या 40 से अधिक पहुंच जाती है। चिकित्सकों की कमी के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
राजपुरा तहसील की सात पंचायतों के ग्रामीण इसी स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर हैं। मरीज इसी स्वास्थ्य केंद्र में उपचार करवाते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की कमी से मरीजों को अपना इलाज प्राइवेट अस्पताल से करवाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। लोगाें ने सरकार से पीएचसी सनूरा में जल्द डॉक्टरों की भर्ती करने की मांग की है। बता दें कि ब्लॉक नड, सुंब, बैंगलाड और घगवाल में डॉक्टरों के 20 पद खाली पड़े हैं।
राजपुरा तहसील की सात पंचायतों के ग्रामीण इसी स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर हैं। मरीज इसी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंच कर उपचार करवाते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की कमी से मरीज परेशान होते हैं।
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दर्शन सिंह
पूर्व सरपंच पंचायत मदून सांबा।
सीमावर्ती क्षेत्रों के लोग सनूरा के स्वास्थ्य केंद्र में उपचार करवाते हैं। ऐसे में यदि सीमावर्ती क्षेत्रों में कोई गोलीबारी की घटना हो जाए तो लोगों को काफी समस्या आएगी।
गणेश वर्मा
स्थानीय निवासी राजपुरा सांबा।
सनूरा के स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों के खाली पद भरे जाएं, ताकि दूर दराज के गावों के भी को भी सरकारी स्वास्थ्य सुविधा मिल सके। डॉक्टरों के नहीं होने से लोग निजी दुकानों पर जाने को मजबूर हैं।
संदीप सिंह
स्थानीय निवासी।
डॉक्टरों की कमी चल रही है। फिर भी जहां भी कोई परेशानी दिखे, वहां डॉक्टरों की सेवाएं दी जा रही हैं। ब्लाॅक में डॉक्टर के 31 पद हैं, लेकिन उनके पास सिर्फ 9 डॉक्टर ही उपलब्ध हैं। ऐसे में पांच डॉक्टरों को ट्रामा अस्पताल घगवाल के लिए नियुक्त किया गया है। अन्य डॉक्टरों की सेवाएं अन्य केंद्रों से ली जा रही हैं।
डॉ. सुरेश चंद्र, बीएमओ
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संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सनूरा में चिकित्सक ही नहीं है। यहां डॉक्टरों के दो पद हैं, लेकिन मौजूदा समय में दोनों खाली पड़े हैं। स्वास्थ्य केंद्र में एक इंडियन आयुर्वेदिक मेडिसन सिस्टम (आईएमएसएस) डॉक्टर और एक दंत चिकित्सक और स्टाफ नर्स का पद खाली है। यहां रोज 20 से 25 मरीजों की ओपीडी रहती है, जबकि बुधवार को संख्या 40 से अधिक पहुंच जाती है। चिकित्सकों की कमी के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
राजपुरा तहसील की सात पंचायतों के ग्रामीण इसी स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर हैं। मरीज इसी स्वास्थ्य केंद्र में उपचार करवाते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की कमी से मरीजों को अपना इलाज प्राइवेट अस्पताल से करवाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। लोगाें ने सरकार से पीएचसी सनूरा में जल्द डॉक्टरों की भर्ती करने की मांग की है। बता दें कि ब्लॉक नड, सुंब, बैंगलाड और घगवाल में डॉक्टरों के 20 पद खाली पड़े हैं।
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राजपुरा तहसील की सात पंचायतों के ग्रामीण इसी स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर हैं। मरीज इसी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंच कर उपचार करवाते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की कमी से मरीज परेशान होते हैं।
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दर्शन सिंह
पूर्व सरपंच पंचायत मदून सांबा।
सीमावर्ती क्षेत्रों के लोग सनूरा के स्वास्थ्य केंद्र में उपचार करवाते हैं। ऐसे में यदि सीमावर्ती क्षेत्रों में कोई गोलीबारी की घटना हो जाए तो लोगों को काफी समस्या आएगी।
गणेश वर्मा
स्थानीय निवासी राजपुरा सांबा।
सनूरा के स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों के खाली पद भरे जाएं, ताकि दूर दराज के गावों के भी को भी सरकारी स्वास्थ्य सुविधा मिल सके। डॉक्टरों के नहीं होने से लोग निजी दुकानों पर जाने को मजबूर हैं।
संदीप सिंह
स्थानीय निवासी।
डॉक्टरों की कमी चल रही है। फिर भी जहां भी कोई परेशानी दिखे, वहां डॉक्टरों की सेवाएं दी जा रही हैं। ब्लाॅक में डॉक्टर के 31 पद हैं, लेकिन उनके पास सिर्फ 9 डॉक्टर ही उपलब्ध हैं। ऐसे में पांच डॉक्टरों को ट्रामा अस्पताल घगवाल के लिए नियुक्त किया गया है। अन्य डॉक्टरों की सेवाएं अन्य केंद्रों से ली जा रही हैं।
डॉ. सुरेश चंद्र, बीएमओ