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जम्मू, श्रीनगर में स्थायी सचिवालय बनाए जाएं
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Mon, 06 Oct 2014 11:21 AM IST
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जम्मू एवं श्रीनगर में स्थायी रूप से सचिवालय बनाने पर जोर देते हुए रविवार को प्रेस वार्ता के दौरान राज्य के पूर्व मंत्री एवं डोगरा सदर सभा जम्मू के प्रधान गुलचैन सिंह चाढ़क ने कहा है कि हर छह माह में रियासत को अतिरिक्त राजस्व बोझ को सहन करना पड़ता है लिहाजा इसका स्थायी हल निकालने की जरूरत है।
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उन्होंने कहा कि डोगरा सदर सभा की 109वीं जनरल काउंसिल सभा में डा. कर्ण सिंह से उन्होंने अपील की थी कि दरबार मूव को बंद कर इसे स्थायित्व प्रदान किया जाए, ताकि करोड़ों के राजस्व खर्च के साथ करीब सात हजार मुलाजिमों को होने वाली दिक्कतों से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि 142 साल की दरबार मूव की परपंराको अब खत्म किया जाना चाहिए।
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इस मुद्दे को डोगरा सदर सभा के समारोह में भी उठाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कोई ठोस कदम नहीं उठाने पर आंदोलन के लिए भी निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दरबार मूव के दौरान 150 ट्रक लोड होकर सर्दियों में जम्मू की ओर मूव करते हैं। वहीं गर्मी के सीजन आते ही श्रीनगर में दरबार मूव होता है।
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इससे करीब सात हजार मुलाजिमों को एक जगह से दूसरी जगह जाना पड़ता है। पचास बसों में मुलाजिम एक जगह से दूसरी जगह जाते हैं। बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि जम्मू में ग्रीष्मकालीन अकादमिक सत्र है तथा श्रीनगर में शरदकालीन शैक्षणिक सत्र है।
मुलाजिमों की लाजिंग तथा सुरक्षा प्रबंधों में करीब दो सौ करोड़ की राशि खर्च होती है। डोगरा सदर सभा अब इस परंपरा को हटाने के लिए संघर्ष करेगी। इस दौरान डा. एनके डोगरा, प्रेम सागर गुप्ता आदि उपस्थित रहे।