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आरजी पुल बह जाने से लोगों की परेशानी बढ़ी
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किश्तवाड़। जिले के उपमंडल पाडर के मचैल गांव को जाने वाले रास्त में चिशोती गांव में बनाया गया आरजी पुल नदी के तेज बहाव में बह गया है। इससे पूरी मचैल तहसील के कई गांव के लिए रास्ता कट गया। स्थानीय निवासी इससे काफी परेशानी हो गए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जो पहले पुल बना हुआ था, बेशक वह काफी हिल रहा था, लेकिन उसे तोड़ना नहीं चाहिए था।
पहले नया पुल बनाते, इसके बाद पुल को तोड़ना चाहिए था। परंतु जिला प्रशासन ने पहले पहले पुल तुड़वाया, उसकी जगह एक आरजी पुल बनाया, जो कि गत रात्रि भोट नाले नामक नदी में पानी के तेज बहाव के कारण बह गया है। इससे चिशोती से लेकर हमूरी, मचैल, लुसेंड़ी, हांगो, हलोती आदि कई गांव एक तरह से कट गए हैं। जिलों से कुछ लोग मचैल माता के दर्शन के लिए गए थे, वह भी वहीं फंस गए हैं। उनको वापस आने और वहां के निवासियों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने जिला प्रशासन के प्रति भारी रोष भी प्रकट किया है। उनका कहना है कि मचैल आने वाले और वापस जाने वालों के लिए कोई रास्ता नहीं है। इसलिए शीघ्र अति शीघ्र पुल का निर्माण किया जाए, ताकि यात्रियों को परेशानी न हो। आने वाले समय में जुलाई 25 से मचैल यात्रा भी आरंभ होगी। ऐसे में यात्रियों को पुल लगा मिलना चाहिए।
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पहले नया पुल बनाते, इसके बाद पुल को तोड़ना चाहिए था। परंतु जिला प्रशासन ने पहले पहले पुल तुड़वाया, उसकी जगह एक आरजी पुल बनाया, जो कि गत रात्रि भोट नाले नामक नदी में पानी के तेज बहाव के कारण बह गया है। इससे चिशोती से लेकर हमूरी, मचैल, लुसेंड़ी, हांगो, हलोती आदि कई गांव एक तरह से कट गए हैं। जिलों से कुछ लोग मचैल माता के दर्शन के लिए गए थे, वह भी वहीं फंस गए हैं। उनको वापस आने और वहां के निवासियों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने जिला प्रशासन के प्रति भारी रोष भी प्रकट किया है। उनका कहना है कि मचैल आने वाले और वापस जाने वालों के लिए कोई रास्ता नहीं है। इसलिए शीघ्र अति शीघ्र पुल का निर्माण किया जाए, ताकि यात्रियों को परेशानी न हो। आने वाले समय में जुलाई 25 से मचैल यात्रा भी आरंभ होगी। ऐसे में यात्रियों को पुल लगा मिलना चाहिए।
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