{"_id":"5c7eb63bbdec221463258a1b","slug":"people-of-shopian-jammu-kashmir-said-they-will-participate-in-election-will-help-finish-terrorism","type":"story","status":"publish","title_hn":"कश्मीर: चुनावी प्रक्रिया में शामिल होंगे शोपियां के लोग, कहा, आतंकवाद ने इस क्षेत्र को तबाह कर दिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कश्मीर: चुनावी प्रक्रिया में शामिल होंगे शोपियां के लोग, कहा, आतंकवाद ने इस क्षेत्र को तबाह कर दिया
Wed, 06 Mar 2019 12:27 AM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
Published by: Pranjal Dixit
Updated Wed, 06 Mar 2019 12:27 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : फाइल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दक्षिण कश्मीर के शोपियां के लोग चुनाव प्रक्रिया में शामिल होने की इच्छा जाहिर करते हैं। उनका कहना है कि आतंकवाद ने इस क्षेत्र को तबाह कर दिया है। यहां आए दिन कोई न कोई वारदात होती रहती है। चुनाव होने से इस क्षेत्र के विकास के लिए योजनाएं बनेंगी और लोगों की खुशहाली के रास्ते खुलेंगे।
शोपियां सेब उत्पादन के कारण पूरी दुनिया में जाना जाता है, लेकिन आज यह इलाका आतंकवाद से ग्रस्त है। 2016 के बाद शोपियां में कई युवाओं ने पढ़ाई छोड़ कर बंदूक उठाई। हर रोज शोपियां में कहीं न कहीं तलाशी अभियान या मुठभेड़ होती है। देखा जाए तो इस साल के शुरू में ही आतंकी और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई। कई आतंकियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया।
शोपियां के लोगों एडवोकेट शब्बीर अहमद, गुलाम रसूल, शौकत अहमद का कहना है कि हम इस बार चुनावी मैदान में हिस्सा लेंगे और अपने वोट का इस्तेमाल करेंगे। इलाके में विकास होना चाहिए। वर्ष 2014 में शोपियां में 40 फीसदी मतदान हुआ। इसमें पीडीपी, नेशनल कांफ्रेंस, कांग्रेस और बीजेपी के साथ-साथ निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में आए।
विज्ञापन
इस बार भी लगता है कि सभी राजनीतिक दल अपने प्रत्याशी मैदान में उतारने की तैयारी कर रहे हैं। इस बार अलगाववादियों के चुनाव बहिष्कार का सिक्का नहीं चलेगा। जनता अपने मनपसंद उम्मीदवार को वोट देकर कामयाब बनाएगी।
विज्ञापन
शोपियां सेब उत्पादन के कारण पूरी दुनिया में जाना जाता है, लेकिन आज यह इलाका आतंकवाद से ग्रस्त है। 2016 के बाद शोपियां में कई युवाओं ने पढ़ाई छोड़ कर बंदूक उठाई। हर रोज शोपियां में कहीं न कहीं तलाशी अभियान या मुठभेड़ होती है। देखा जाए तो इस साल के शुरू में ही आतंकी और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई। कई आतंकियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया।
विज्ञापन
शोपियां के लोगों एडवोकेट शब्बीर अहमद, गुलाम रसूल, शौकत अहमद का कहना है कि हम इस बार चुनावी मैदान में हिस्सा लेंगे और अपने वोट का इस्तेमाल करेंगे। इलाके में विकास होना चाहिए। वर्ष 2014 में शोपियां में 40 फीसदी मतदान हुआ। इसमें पीडीपी, नेशनल कांफ्रेंस, कांग्रेस और बीजेपी के साथ-साथ निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में आए।
विज्ञापन
इस बार भी लगता है कि सभी राजनीतिक दल अपने प्रत्याशी मैदान में उतारने की तैयारी कर रहे हैं। इस बार अलगाववादियों के चुनाव बहिष्कार का सिक्का नहीं चलेगा। जनता अपने मनपसंद उम्मीदवार को वोट देकर कामयाब बनाएगी।