{"_id":"69713a6eb8512e53dc068666","slug":"pension-portal-jammu-news-c-10-jmu1052-817781-2026-01-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: पेंशन में चूक पड़ेगी भारी, फाइल अटकी तो अफसर जवाबदेह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: पेंशन में चूक पड़ेगी भारी, फाइल अटकी तो अफसर जवाबदेह
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- नाम-जन्मतिथि में गड़बड़ी पर नहीं मिलेगी राहत
जम्मू। सरकार के पेंशन मामलों के निपटारे में देरी पर सख्ती दिखाई है। वित्त विभाग ने निर्देश जारी करते साफ किया है कि पेंशन सुविधा पोर्टल पर किसी भी प्रकार की गलती, अधूरी जानकारी या प्रक्रियागत चूक की जिम्मेदारी संबंधित ड्राइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर (डीडीओ) और पेंशन स्वीकृत करने वाली प्राधिकरण (पीएसए) की होगी।
वित्त विभाग के अनुसार प्रधान महालेखाकार कार्यालय से बार-बार यह सामने आया कि नाम, जन्मतिथि और सेवा विवरण में असमानता के कारण मामलों को लौटाया जा रहा है, जिससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को परेशानी हो रही है। आदेश के मुताबिक सेवानिवृत्त कर्मचारी का नाम, माता-पिता या पति का नाम तथा जन्मतिथि सर्विस बुक और एचआरएमएस रिकॉर्ड से पूरी तरह मेल खानी चाहिए। पेंशन फार्म में नियुक्ति की वही तारीख दर्ज होगी जो सर्विस बुक में है। कर्मचारी का गजटेड या गैर-गजटेड वर्ग भी सही कॉलम में भरना अनिवार्य होगा।
सर्विस बुक अपलोड करते समय लगातार दो पृष्ठ एक साथ, स्पष्ट और पढ़ने योग्य हों। फैमिली पेंशन और ग्रेच्युटी के लिए नामांकन की स्थिति सही ढंग से दर्ज की जाएगी। संयुक्त फोटो केवल उन्हीं मामलों में अपलोड होगी, जहां नियम इसकी अनुमति देते हैं। महिला कर्मचारियों के मामलों में फार्म-7 में पति का नाम अनिवार्य होगा। पति-पत्नी का नाम और जन्मतिथि सभी संबंधित फार्म में एक समान होना चाहिए। जिन मामलों में कम्यूटेशन नहीं किया गया है, वहां इससे जुड़े फार्म अपलोड नहीं किए जाएंगे। सेवानिवृत्ति के बाद विवाह या पुनर्विवाह की स्थिति में फैमिली पेंशन के लिए फार्म-14ए का उपयोग अनिवार्य किया गया है।
विज्ञापन
पांच दिन में फिजिकल फाइल करनी होगी जमा
ऑनलाइन सबमिशन के बाद अधिकतम पांच कार्यदिवस के भीतर सत्यापित डिजिटल फार्म, मूल सर्विस बुक और डिस्क्रिप्टिव रोल सहित फिजिकल फाइल प्रधान महालेखाकार कार्यालय में जमा करानी होगी। तय समयसीमा का पालन नहीं होने पर केस लौटाया जा सकता है। एक सितंबर 2025 से पहले की अवधि से जुड़े मामलों को संशोधित अधिसूचित फार्म में मैनुअल रूप से निपटाया जाएगा। पेंशनर या फैमिली पेंशनर की मृत्यु के बाद अन्य आश्रितों के दावे फिलहाल मैनुअल प्रक्रिया से निपटेंगे।
विज्ञापन
जम्मू। सरकार के पेंशन मामलों के निपटारे में देरी पर सख्ती दिखाई है। वित्त विभाग ने निर्देश जारी करते साफ किया है कि पेंशन सुविधा पोर्टल पर किसी भी प्रकार की गलती, अधूरी जानकारी या प्रक्रियागत चूक की जिम्मेदारी संबंधित ड्राइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर (डीडीओ) और पेंशन स्वीकृत करने वाली प्राधिकरण (पीएसए) की होगी।
वित्त विभाग के अनुसार प्रधान महालेखाकार कार्यालय से बार-बार यह सामने आया कि नाम, जन्मतिथि और सेवा विवरण में असमानता के कारण मामलों को लौटाया जा रहा है, जिससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को परेशानी हो रही है। आदेश के मुताबिक सेवानिवृत्त कर्मचारी का नाम, माता-पिता या पति का नाम तथा जन्मतिथि सर्विस बुक और एचआरएमएस रिकॉर्ड से पूरी तरह मेल खानी चाहिए। पेंशन फार्म में नियुक्ति की वही तारीख दर्ज होगी जो सर्विस बुक में है। कर्मचारी का गजटेड या गैर-गजटेड वर्ग भी सही कॉलम में भरना अनिवार्य होगा।
विज्ञापन
सर्विस बुक अपलोड करते समय लगातार दो पृष्ठ एक साथ, स्पष्ट और पढ़ने योग्य हों। फैमिली पेंशन और ग्रेच्युटी के लिए नामांकन की स्थिति सही ढंग से दर्ज की जाएगी। संयुक्त फोटो केवल उन्हीं मामलों में अपलोड होगी, जहां नियम इसकी अनुमति देते हैं। महिला कर्मचारियों के मामलों में फार्म-7 में पति का नाम अनिवार्य होगा। पति-पत्नी का नाम और जन्मतिथि सभी संबंधित फार्म में एक समान होना चाहिए। जिन मामलों में कम्यूटेशन नहीं किया गया है, वहां इससे जुड़े फार्म अपलोड नहीं किए जाएंगे। सेवानिवृत्ति के बाद विवाह या पुनर्विवाह की स्थिति में फैमिली पेंशन के लिए फार्म-14ए का उपयोग अनिवार्य किया गया है।
विज्ञापन
पांच दिन में फिजिकल फाइल करनी होगी जमा
ऑनलाइन सबमिशन के बाद अधिकतम पांच कार्यदिवस के भीतर सत्यापित डिजिटल फार्म, मूल सर्विस बुक और डिस्क्रिप्टिव रोल सहित फिजिकल फाइल प्रधान महालेखाकार कार्यालय में जमा करानी होगी। तय समयसीमा का पालन नहीं होने पर केस लौटाया जा सकता है। एक सितंबर 2025 से पहले की अवधि से जुड़े मामलों को संशोधित अधिसूचित फार्म में मैनुअल रूप से निपटाया जाएगा। पेंशनर या फैमिली पेंशनर की मृत्यु के बाद अन्य आश्रितों के दावे फिलहाल मैनुअल प्रक्रिया से निपटेंगे।