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India Pakistan Conflict : सीमा पर शांति...लेकिन संघर्ष विराम के छिटपुट उल्लंघन से असमंजस में घाटी के लोग

Wed, 14 May 2025 05:52 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमृतपाल सिंह बाली, तंगधार से
अमृतपाल सिंह बाली, तंगधार से Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 14 May 2025 05:52 AM IST
सार

संघर्ष विराम की घोषणा के बाद जम्मू-कश्मीर में शांति तो है, लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी के संबोधन के बाद जिस तरह से दुश्मन के ड्रोन आए उससे लोग शांति कायम रहने को लेकर असमंजस  में हैं। सेना और  हमारे अन्य सुरक्षा बल मुस्तैद हैं। पुलिस कर्मी भी गांव-गांव जाकर लोगों को हिम्मत बंधा रहे हैं। इससे तनावपूर्ण शांति के बीच भी लोगों का हौसला बना हुआ है। पेश है रिपोर्ट...

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Peace on the border, but people are confused due to sporadic violations of ceasefire
तंगधार में पिछले सप्ताह पाकिस्तानी गोलाबारी में क्षतिग्रस्त एक मकान। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारत और पाकिस्तान के बीच कई दिनों तक चली गोलाबारी और मिसाइल हमलों के बाद अब संघर्षविराम लागू हो चुका है, लेकिन जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोग आज भी उस तबाही और मानसिक आघात से जूझ रहे हैं, जिसने उनके जीवन की नींव हिला कर रख दी है।

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लगातार तोपों से बरसे गोले और हवाई हमलों ने सैकड़ों परिवारों को बेघर और असहाय बना दिया है। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि अब तक हुए प्रारंभिक आकलन में कुल 147 बुनियादी ढांचे क्षतिग्रस्त पाए गए हैं, जिनमें 54 व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल हैं। 
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आवासीय इमारतों में से 21 पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं, जबकि शेष आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हैं। उन्होंने बताया कि मंगलवार को ही चार गोले निष्क्रिय किए गए हैं। यानी खतरा अब भी पूरी तरह टला नहीं है।
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कुल 42 प्रभावित गांवों में से 40 में लोग पहले से रह रहे थे और इनमें से आधे से अधिक गांवों में अब स्थानीय लोगों को वापस लौटने की अनुमति दे दी गई है। कुछ लोग अपने जले-उजड़े घरों में लौट चुके हैं, तो कई सिर्फ देखने पहुंच रहे हैं कि उनके आशियाने का क्या हाल है।

ऐसी ही पीड़ा गुलाम दीन की है, जिनकी थकी और उनींदी आंखें बहुत कुछ कह देती हैं। वह कहते हैं, हमारा उजड़ा घर आपके सामने है। पाकिस्तान की गोलाबारी ने हमसे सब कुछ छीन लिया। एक अन्य स्थानीय निवासी बशारत अहमद कहते हैं, हमारे घर और दुकानें गोलाबारी में पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं। एक बार फिर हम गरीब लोग सीमापार की हिंसा के शिकार बन गए। उन्होंने सवाल किया कि हमेशा हमें ही क्यों निशाना बनाया जाता है?

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हालांकि पीएम नरेंद्र मोदी के संबोधन के बाद जिस तरह से दुश्मन के ड्रोन आए उससे लोग शांति कायम रहने को लेकर असमंजस में हैं। सेना और हमारे अन्य सुरक्षा बल मुस्तैद हैं। पुलिस कर्मी भी गांव-गांव जाकर लोगों को हिम्मत बंधा रहे हैं। इससे तनावपूर्ण शांति के बीच भी लोगों का हौसला बना हुआ है।
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