सरकार गठन में हड़बड़ी नहीं करेगी पीडीपी
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रियासत के कुदरती मौसम की तरह सियासी मौसम पर छाया कुहासा भी छंटने का नाम नहीं ले रहा है। अलबत्ता शनिवार को पीडीपी और भाजपा दोनों दलों ने सरकार बनाने के लिए किसी भी तरह की कोई शर्त नहीं रखी गई है।
दोनों दलों के नेताओं ने कहा है कि एजेंडा आफ अलांयस उनके लिए पवित्र दस्तावेज है। भाजपा जहां पीडीपी के प्रस्ताव का इंतजार कर रही है वहीं, पीडीपी फिलहाल अपने पत्ते नहीं खोल रही है। इन्हीं सबके बीच कभी 10 माह के सरकार के कामकाज की समीक्षा की बात की जाती है तो कभी शर्तों की बात आ जाती है।
रविवार 31 जनवरी को पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने श्रीनगर में कश्मीर संभाग की बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि इसमें पार्टी कार्यकर्ताओं का मन टटोला जाएगा।
भाजपा-पीडीपी ने नकारी शर्त रखने की बात
पीडीपी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व शिक्षा मंत्री नईम अख्तर ने अमर उजाला से कहा कि सरकार गठन के लिए न तो पीडीपी ने कोई शर्तें रखी हैं और न ही पार्टी को कोई जल्दबाजी है। यहां तक कि 31 जनवरी को श्रीनगर में पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की ओर से श्रीनगर में बुलाई गई बैठक में भी सरकार गठन पर कोई चर्चा नहीं होगी।
जोनल, जिला और संभाग स्तर के नेताओं से पार्टी के कामकाज और सियासी परिदृश्य पर ही चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि सरकार गठन की दिशा में भाजपा से कोई चर्चा शुरू नहीं हुई है, ऐसे में शर्तों का सवाल ही नहीं उठता।
रणनीति तय करने का अधिकार पीडीपी नेताओं ने पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को दिया हुआ है। उन्हें जब सही समय लगेगा, तब चर्चा शुरू होगी। पीडीपी के महासचिव वेद महाजन का कहना है कि जम्मू से किसी पार्टी नेता को बैठक के लिए नहीं बुलाया गया है।