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पीडीपी टूट रही, महबूबा को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं: राज्यपाल सत्यपाल मलिक

Thu, 07 Feb 2019 02:34 AM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: Priyesh Mishra Updated Thu, 07 Feb 2019 02:34 AM IST
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PDP is broken, Mehbooba Mufti does not need to take seriouslyc, Saya Satyapal Malik
governor satyapal malik - फोटो : बासित जरगर
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के बयान पर तूफान उठ खड़ा हुआ है। राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने महबूबा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि चुनाव का वक्त है। उनकी पार्टी टूट रही है। खराब हाल में है। वह इसी किस्म के सपोर्ट से ताकत में आई थीं। उनको गंभीरता के साथ लेने की जरूरत नहीं है। हमारे सुरक्षा बलों का मनोबल किसी महबूबा मुफ्ती के बयान से नहीं गिरने दिया जाएगा।
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राज्यपाल ने कहा कि वह सुरक्षा बलों के साथ खड़े हैं। जहां कहीं भी अत्याचार होगा, कार्रवाई की जाएगी। पुलिस में इस प्रकार के कुछ मामले आने पर कार्रवाई की गई है, जिसमें सभी का ट्रांसफर कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि महबूबा की मांग विधानसभा चुनाव के नजदीक आने के कारण लोगों का समर्थन जुटाने के मद्देनजर है।
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केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने ट्वीट किया कि मानवाधिकार को लेकर चुनिंदा मामलों में निंदा की जाती है। ऐसे नेता मुठभेड़ में किसी आतंकी के मारे जाने पर त्वरित संवेदना जताते हैं, लेकिन ड्यूटी कर रहे सुरक्षा बलों के जवानों को संवेदना के एक शब्द भी नहीं मिलते हैं।
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महबूबा ने राज्यपाल की टिप्पणी पर ट्वीट किया कि वह स्तब्ध हैं कि संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति कितनी बेशर्मी से पक्ष ले रहा है। नेकां उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने महबूबा को लेकर राज्यपाल की ओर से दिए गए बयान पर ट्वीट किया कि गवर्नर साहब यह स्वीकार करने योग्य बयान नहीं है। साथ ही यह राजनीति में अनावश्यक हस्तक्षेप है। यदि ऐसा ही चलता रहा तो ज्यादा समय नहीं लगेगा जब लोग राजभवन को गंभीरता से लेना बंद कर देंगे। 

 

क्या कहा था महबूबा ने

पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा था किजम्मू-कश्मीर के मसले का हल बंदूक से नहीं निकल पाएगा। इसके लिए बातचीत का एक अच्छा माहौल बनाने की जरूरत है। जिस तरह से प्रधानमंत्री ने कहा कि घाटी में आतंकियों की कमर तोड़ देंगे तो मैं यह कहना चाहूंगी कि जम्मू कश्मीर एक सियासी मसला है इसका मिलिट्री हल नहीं है। जब तक यहां बातचीत का माहौल नहीं बनाया जाएगा समस्या का हल नहीं होगा।

पुलवामा के शादीमर्ग के तौसीफ अहमद को सेना कैंप में 44 राष्ट्रीय राइफल्स के मेजर शुक्ला की ओर से गंभीर रूप से पीटे जाने का आरोप है। इसके चलते वह एसएमएचएस अस्पताल में भर्ती है। उन्होंने कहा था कि मेजर शुक्ला के बारे में कहा जाता है कि वह एक बहादुर जवान हैं, तो यह कैसा जवान है जो अपने ही बच्चों को, जम्मू कश्मीर के रहने वाले लड़कों के साथ इतनी ज्यादती और जुल्म कर रहा है।

मैं उम्मीद करती हूं कि राज्यपाल, सेना अध्यक्ष, कोर कमांडर इस बात का संज्ञान लेंगे और इस मामले में मेजर शुक्ला से पूछताछ की जाएगी कि आखिर उसकी इतनी पिटाई क्यों की गई। महबूबा ने कहा कि यह बच्चा पहले से यतीम है, इसका भाई फौज में है। 

 
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