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J&K: 12 हजार फार्मासिस्टों के पंजीकरण का रास्ता साफ, फार्मेसी अधिनियम में संशोधन को मंजूरी

Wed, 15 Mar 2023 05:38 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Wed, 15 Mar 2023 05:38 PM IST
सार

अधिनियम में संशोधन से हजारों फार्मासिस्टों का भविष्य बेहतर होगा। पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होने से उनके लिए रोजगार के रास्ते खुलेंगे।

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Paves way for registration of 12 thousand pharmacists approval for amendment in Pharmacy Act
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने फार्मेसी अधिनियम, 1948 की धारा 32-सी में संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस प्रस्ताव को गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय और संसद से मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश के 12 हजार फार्मासिस्टों के पंजीकरण का रास्ता साफ हो गया है। 

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यह फार्मासिस्ट फार्मेसी अधिनियम, 1948 (केंद्रीय अधिनियम) के तहत अपना पंजीकरण करवा सकेंगे।। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई प्रशासनिक परिषद (एसी) की बैठक में मंगलवार को प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई।
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यह फार्मेसी अधिनियम, 1948 की मौजूदा धारा 32-सी में इस आशय के संशोधन के लिए है कि धारा 32 के तहत कोई भी व्यक्ति जिसका नाम जम्मू कश्मीर फार्मेसी अधिनियम 2011 (1955 एडी) के तहत पंजीकृत या उक्त अधिनियम के तहत निर्धारित योग्यता वाले फार्मासिस्ट होंगे वे केंद्रीय अधिनियम के तहत पंजीकृत हो सकेंगे। 
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अधिसूचना की तारीख से एक वर्ष के भीतर भुगतान कर फार्मासिस्ट अपना पंजीकरण करवा सकेंगे। इसके शुल्क का निर्धारण जम्मू कश्मीर प्रशासन कर सकता है। इस मामले में गृह मंत्रालय की ओर से तीन माह पूर्व मुख्य सचिव जम्मू कश्मीर और स्वास्थ्य सचिव जम्मू कश्मीर को पत्र लिखकर सेक्शन 32 सी के संशोधन प्रस्ताव की जानकारी दी गई थी।

बड़ी संख्या में फार्मासिस्ट केंद्र के प्रस्ताव का नहीं उठा सके थे लाभ

जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 लागू होने के दौरान फार्मासिस्टों का स्टेट फार्मेसी काउंसिल के अधीन जम्मू-कश्मीर फार्मेसी एक्ट, समवात 2011 (1955 एडी) के तहत पंजीकरण हो रहा था। लेकिन अक्तूबर 2019 में जम्मू कश्मीर पुनर्गठन के बाद केंद्रीय अधिनियम लागू होने से पंजीकरण प्रक्रिया फार्मेसी एक्ट 1948 के तहत होने लगी। 

इसमें केंद्र की ओर से अक्तूबर 2020 से लेकर अक्तूबर 2021 तक एक साल की अवधि का समय दिया गया जिसमें जम्मू कश्मीर फार्मेसी अधिनियम के तहत पंजीकृत हुए फार्मासिस्टों को केंद्रीय अधिनियम के तहत पंजीकरण होने की अनुमति दी गई। लेकिन दूरदराज आदि क्षेत्रों से बड़ी संख्या में फार्मासिस्ट अपना पंजीकरण नहीं करवा सके। इसके अलावा इस अवधि में प्रदेश में 8 से 10 हजार ऐसे विद्यार्थी थे जो फार्मासिस्ट से पास आउट हुए थे या डिप्लोमा कर रहे थे।


फार्मासिस्टों को बड़ी राहत
अधिनियम में संशोधन से हजारों फार्मासिस्टों का भविष्य बेहतर होगा। पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होने से उनके लिए रोजगार के रास्ते खुलेंगे। प्रशासनिक परिषद की ओर से प्रस्ताव को मंजूरी मिलना बड़ी राहत है। -सुशील सूदन, प्रधान (जम्मू कश्मीर मेडिकल इंप्लाइज फेडरेशन)।

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