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Jammu News: नो पार्किंग जोन में मिनी बसों का थम रहा पहिया, यात्री शेड बने शोपीस
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रति शर्मा
जम्मू। शहर में यात्री शेड शोपीस बन गए हैं। मिनी बसों का ठहराव न होने के कारण लोगों को सड़क किनारे या चौराहों से बसें पकड़नी पड़ रही हैं। ऐसे में हादसे होने की संभावना है, क्योंकि ज्यादातर मिनी बस (मेटाडोर) चालक एकदम से ब्रेक लगा देते हैं। सचिवालय जाने वाले रोड पर बने शेड में पुलिस की बैरिकेडिंग है। इंदिरा चौक पर आरएंडबी और नगर निगम के शेड हैं, जहां पर नो पार्किंग के बोर्ड के पास बस की ब्रेक लगाई जा रही है।
ये दिक्कतें अमर उजाला की ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आईं। दोपहर 12ः23 बजे पंजतीर्थी से शास्त्री नगर रूट की मेटाडोर शालामार मार्केट के सामने रुकी जबकि 20 मीटर दूर शेड था जिसके आसपास पुलिस की ओर से बैरिकेडिंग की गई है। 12ः24 पर एक और मेटाडोर जेब्रा क्रॉसिंग पर यात्री को उतार देती है। एक मिनट बाद मिनी बस यात्री को ले जाती है। ऐसा सिलसिला शाम तक चलता रहा। सामने आया कि नियमों के विपरीत मेटाडोर के स्टॉपेज हैं। शेड सोने का ठिकाना बन गए हैं। इसके अलावा रेलवे स्टेशन से आई मेटाडोर तेज रफ्तार में निकल गई। रोड के दूसरी तरफ पुलिस की मौजूदगी के बीच सात मिनट तक मेटाडोर खड़ी रही जबकि वहां नो पार्किंग का बोर्ड लगा था। इसी तरह इंदिरा चौक से आगे रोड पर दो शेड है। 12ः50 से 1ः10 तक लगभग 20 मिनी बसों ने चौक से ही यात्रियों को उठाया। 30 मीटर में दो अस्पताल हैं। शेड में यात्री राजेश ने बताया कि यहां कोई भी बस नहीं रुकती। वह 1 बजे से बैठे थे। ये दोनों शेड आरएंडबी और नगर निगम के हैं। 20 मिनट में 50 मेटाडोर गुजरी और सभी ने शेड से 20 मीटर दूर नो पार्किंग के बोर्ड के पास से यात्रियों को बिठाया और उतारा। संवाद
शेड में बैठ कर 10 मिनट से इंतजार कर रहा हूं, पर बस नहीं आई
राजेश ने बताया कि 10 मिनट शेड में बस का इंतजार कर रहा हूं, अभी तक एक भी मेटाडोर नहीं रुकी। बिशन दास के अनुसार स्टैंड होने के बावजूद अस्पताल के गेट के आगे मेटाडोर चालक रुकते हैं। मदन लाल ने कहा-क्या फायदा शेड बनाने का, जब लाभ यात्रियों को मिलना ही नहीं है। इसी तरह दीप चंद और रवि कुमार ने बताया कि सुबह से शाम तक मेटाडोर चलती हैं, लेकिन एक को भी शेड पर रुकते नहीं देखा। लोगों में भी जागरूकता की कमी है।
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लोगों की सुविधा के लिए जम्मू में लगभग 60 जगह पर यात्री शेड बनाए गए हैं। अगर बसें वहां नहीं रुक रहीं तो यातायात विभाग की मदद करने के लिए तैयार हैं। हालांकि ई-बसें शेड पर ही ठहर रही हैं।
-राहुल यादव, आयुक्त, नगर निगम
समस्या अभी ध्यान में आई है। इसके लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। मेटाडोर चालकों को समझाया जाएगा कि शेड के पास ही यात्रियों को लेना है। अभियान चलाने के बाद भी नियम को नहीं माना तो कार्रवाई की जाएगी।
-फैजल कुरैशी, एसएसपी ट्रैफिक
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जम्मू। शहर में यात्री शेड शोपीस बन गए हैं। मिनी बसों का ठहराव न होने के कारण लोगों को सड़क किनारे या चौराहों से बसें पकड़नी पड़ रही हैं। ऐसे में हादसे होने की संभावना है, क्योंकि ज्यादातर मिनी बस (मेटाडोर) चालक एकदम से ब्रेक लगा देते हैं। सचिवालय जाने वाले रोड पर बने शेड में पुलिस की बैरिकेडिंग है। इंदिरा चौक पर आरएंडबी और नगर निगम के शेड हैं, जहां पर नो पार्किंग के बोर्ड के पास बस की ब्रेक लगाई जा रही है।
ये दिक्कतें अमर उजाला की ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आईं। दोपहर 12ः23 बजे पंजतीर्थी से शास्त्री नगर रूट की मेटाडोर शालामार मार्केट के सामने रुकी जबकि 20 मीटर दूर शेड था जिसके आसपास पुलिस की ओर से बैरिकेडिंग की गई है। 12ः24 पर एक और मेटाडोर जेब्रा क्रॉसिंग पर यात्री को उतार देती है। एक मिनट बाद मिनी बस यात्री को ले जाती है। ऐसा सिलसिला शाम तक चलता रहा। सामने आया कि नियमों के विपरीत मेटाडोर के स्टॉपेज हैं। शेड सोने का ठिकाना बन गए हैं। इसके अलावा रेलवे स्टेशन से आई मेटाडोर तेज रफ्तार में निकल गई। रोड के दूसरी तरफ पुलिस की मौजूदगी के बीच सात मिनट तक मेटाडोर खड़ी रही जबकि वहां नो पार्किंग का बोर्ड लगा था। इसी तरह इंदिरा चौक से आगे रोड पर दो शेड है। 12ः50 से 1ः10 तक लगभग 20 मिनी बसों ने चौक से ही यात्रियों को उठाया। 30 मीटर में दो अस्पताल हैं। शेड में यात्री राजेश ने बताया कि यहां कोई भी बस नहीं रुकती। वह 1 बजे से बैठे थे। ये दोनों शेड आरएंडबी और नगर निगम के हैं। 20 मिनट में 50 मेटाडोर गुजरी और सभी ने शेड से 20 मीटर दूर नो पार्किंग के बोर्ड के पास से यात्रियों को बिठाया और उतारा। संवाद
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शेड में बैठ कर 10 मिनट से इंतजार कर रहा हूं, पर बस नहीं आई
राजेश ने बताया कि 10 मिनट शेड में बस का इंतजार कर रहा हूं, अभी तक एक भी मेटाडोर नहीं रुकी। बिशन दास के अनुसार स्टैंड होने के बावजूद अस्पताल के गेट के आगे मेटाडोर चालक रुकते हैं। मदन लाल ने कहा-क्या फायदा शेड बनाने का, जब लाभ यात्रियों को मिलना ही नहीं है। इसी तरह दीप चंद और रवि कुमार ने बताया कि सुबह से शाम तक मेटाडोर चलती हैं, लेकिन एक को भी शेड पर रुकते नहीं देखा। लोगों में भी जागरूकता की कमी है।
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लोगों की सुविधा के लिए जम्मू में लगभग 60 जगह पर यात्री शेड बनाए गए हैं। अगर बसें वहां नहीं रुक रहीं तो यातायात विभाग की मदद करने के लिए तैयार हैं। हालांकि ई-बसें शेड पर ही ठहर रही हैं।
-राहुल यादव, आयुक्त, नगर निगम
समस्या अभी ध्यान में आई है। इसके लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। मेटाडोर चालकों को समझाया जाएगा कि शेड के पास ही यात्रियों को लेना है। अभियान चलाने के बाद भी नियम को नहीं माना तो कार्रवाई की जाएगी।
-फैजल कुरैशी, एसएसपी ट्रैफिक