फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   passed a resolution of state holiday on Maharaja Hari Singh Jayanti

J&K: महाराजा हरि सिंह जयंती पर राजकीय अवकाश का प्रस्ताव पारित

Wed, 25 Jan 2017 12:03 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू Updated Wed, 25 Jan 2017 12:03 PM IST
विज्ञापन
passed a resolution of  state holiday on Maharaja Hari Singh Jayanti
जम्मू-कश्मीर विधानसभा - फोटो : AMAR UJALA
रियासत के आखिरी डोगरा शासक एवं जम्मू-कश्मीर का भारत में विलय करने का ऐतिहासिक फैसला लेने वाले महाराजा हरि सिंह की जयंती 23 सितंबर पर राजकीय अवकाश घोषित करने का निजी सदस्य प्रस्ताव सरकार के इनकार के बावजूद विधान परिषद में ध्वनिमत से पारित हो गया। भाजपा एमएलसी एवं महाराजा के पौत्र अजातशत्रु सिंह ने मंगलवार को इसके लिए निजी सदस्य प्रस्ताव सदन में पेश किया।
विज्ञापन


अजातशत्रु सिंह ने कहा कि यह मुद्दा महाराजा के परिवार का नहीं, बल्कि रियासत के राष्ट्रवादी लोगों के सम्मान से भी जुड़ा है। 100 साल के स्वर्णिम डोगरा इतिहास से अब तक रियासत के लोगों को दूर रखा गया है। जम्मू, कश्मीर और लद्दाख को एक सूत्र में पिरोने वाले महाराजा हरि सिंह जिन्होंने भारत में रियासत का विलय भी किया, उनके बारे में युवा वर्ग को ज्यादा जानकारी नहीं है।
विज्ञापन


कश्मीर में इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जाता रहा है। हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई हर धर्म के लोगों की इच्छा और लंबे समय से मांग रही है कि न्याय को अपना धर्म कहने वाले महाराजा को याद करने के लिए कम से कम एक दिन रियासत में अवकाश होना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


भाजपा एमएलसी अशोक खजूरिया ने कहा कि रियासत में न्याय का शासन महाराजा हरि सिंह ने स्थापित किया। उनकी प्रतिमाओं के आगे आज तक लोग सिर झुकाते हैं।

विपक्ष की गौरमौजूदगी में प्रस्ताव हुआ पास

passed a resolution of  state holiday on Maharaja Hari Singh Jayanti
जम्मू-कश्मीर विधान परिषद - फोटो : AMAR UJALA
पीडीपी के सुरेंद्र चौधरी और फिरदौस टाक ने भी कहा कि महाराजा हरि सिंह के शासन काल में रियासत में जितने विकास कार्य हुए (पनबिजली परियोजना, नहरों का निर्माण, जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे का निर्माण आदि शामिल हैं) उतने उसके बाद अब तक नहीं हुए।

रियासत को विशेष दर्जा भी महाराजा की ही देन है। पीडीपी के एमएलसी विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि महाराजा हरि सिंह के साथ रियासत के लाखों लोगों की भावनाएं जुड़ी हुईं हैं। सरकार को निजी सदस्य प्रस्ताव को गंभीरता से लेते हुए इसको मंजूरी प्रदान करनी चाहिए। भाजपा एमएलसी रमेश अरोड़ा ने कहा कि हाईकोर्ट भी महाराजा हरि सिंह की ही देन है। सुरेंद्र अंबरदार ने भी निजी सदस्य प्रस्ताव का समर्थन किया।

सरकार की तरफ से शिक्षा मंत्री नईम अख्तर ने कहा कि महाराजा हरि सिंह और उनके खानदान का जम्मू-कश्मीर ही नहीं पूरे दक्षिण एशिया में अभूतपूर्व योगदान रहा है, लेकिन, कश्मीर में कुछ लोग इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करते रहे हैं। इसलिए डर यह है कि वे इसे गलत तरीके से पेश कर सकते हैं। सरकार सभी हित धारकों से बात करके इस मसले पर फैसला लेगी।

उन्होंने भाजपा सदस्य अजातशत्रु सिंह से अपील की कि वह अपना प्रस्ताव वापस ले लें। हालांकि, अजातशत्रु सिंह ने अपील को खारिज करते हुए वोटिंग करवाने की बात कही। ध्वनि मत से करवाई गई वोटिंग में पीडीपी और भाजपा के सभी सदस्यों ने प्रस्ताव का पक्ष लिया और प्रस्ताव सदन में पारित हो गया।

इस दौरान विपक्षी नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस के सदस्य सदन में मौजूद नहीं थे। वह सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद से विधायकों को बिजली क्षेत्र में सीडीएफ में एक करोड़ दिए जाने के विरोध में पूरे दिन के लिए सदन से वाकआउट कर गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed