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Jammu News: उत्तरवाहिनी में दूसरे दिन प्रदर्शनी देखने आए कई लोग और छात्र
Thu, 04 Dec 2025 02:23 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Thu, 04 Dec 2025 02:23 AM IST
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उत्तरवाहिनी में लगी प्रदर्शनी को दूसरे दिन आए लोगों का दृश्यस्रोत संवाद
प्राचीन अभिमुक्तेश्वर मंदिर में साइलेंट हेरिटेज, स्पीकिंग फेसेज प्रदर्शनी ने खींचा लोगों का ध्यान
पुरमंडल। उत्तरवाहिनी पुरमंडल स्थित प्राचीन श्री अभिमुक्तेश्वर महादेव मंदिर परिसर में प्रभावशाली कला प्रदर्शनी साइलेंट हेरिटेज, स्पीकिंग फेसेज का दूसरा दिन भी कला प्रेमियों के नाम रहा। इसका उद्देश्य मंदिर की स्थापत्य कला, सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक पहचान को नई ऊर्जा प्रदान करना था।
प्रदर्शनी को देखने के लिए स्थानीय लोगों सहित बड़ी संख्या में स्कूलों के छात्र पहुंचे और मूर्ति कला से प्रेरित हुए। इस प्रदर्शनी की अवधारणा एवं प्रस्तुति जम्मू के प्रसिद्ध मूर्तिकार रविंदर जम्वाल की ओर से की गई। उन्होंने अखबार, चार्ट पेपर और रंगों जैसी साधारण सामग्री का उपयोग कर अद्भुत कलाकृतियां तैयार कीं जिनमें अतीत और वर्तमान की भावनाओं का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
रविंदर जम्वाल ने कहा कि यहां की विरासत केवल धार्मिक पहचान नहीं, बल्कि क्षेत्र की गौरवमयी सांस्कृतिक धरोहर है, जिसके संरक्षण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
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स्थानीय लोगों ने मंदिर परिसर में जारी संरक्षण व विकास कार्यों में तेजी लाने की उम्मीद जताई। प्रदर्शनी में महाराजा हरि सिंह और डॉ. कर्ण सिंह की मूर्तियां मुख्य आकर्षण रहीं, जिनकी अनूठी कला को लोगों ने खूब सराहा।
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पुरमंडल। उत्तरवाहिनी पुरमंडल स्थित प्राचीन श्री अभिमुक्तेश्वर महादेव मंदिर परिसर में प्रभावशाली कला प्रदर्शनी साइलेंट हेरिटेज, स्पीकिंग फेसेज का दूसरा दिन भी कला प्रेमियों के नाम रहा। इसका उद्देश्य मंदिर की स्थापत्य कला, सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक पहचान को नई ऊर्जा प्रदान करना था।
प्रदर्शनी को देखने के लिए स्थानीय लोगों सहित बड़ी संख्या में स्कूलों के छात्र पहुंचे और मूर्ति कला से प्रेरित हुए। इस प्रदर्शनी की अवधारणा एवं प्रस्तुति जम्मू के प्रसिद्ध मूर्तिकार रविंदर जम्वाल की ओर से की गई। उन्होंने अखबार, चार्ट पेपर और रंगों जैसी साधारण सामग्री का उपयोग कर अद्भुत कलाकृतियां तैयार कीं जिनमें अतीत और वर्तमान की भावनाओं का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
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रविंदर जम्वाल ने कहा कि यहां की विरासत केवल धार्मिक पहचान नहीं, बल्कि क्षेत्र की गौरवमयी सांस्कृतिक धरोहर है, जिसके संरक्षण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
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स्थानीय लोगों ने मंदिर परिसर में जारी संरक्षण व विकास कार्यों में तेजी लाने की उम्मीद जताई। प्रदर्शनी में महाराजा हरि सिंह और डॉ. कर्ण सिंह की मूर्तियां मुख्य आकर्षण रहीं, जिनकी अनूठी कला को लोगों ने खूब सराहा।