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Jammu News: उत्तरवाहिनी के ऐतिहासिक मंदिरों में प्रदर्शनी ने जीता लोगों का दिल
Wed, 03 Dec 2025 02:10 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Wed, 03 Dec 2025 02:10 AM IST
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प्रदर्शनी में मूर्ति कार रवींद्र जामवाल दौरा बनाई गई प्रमुख मूर्ति यों के बारे जानकारी देते
- फोटो : 1
पुरमंडल। उत्तरवाहिनी में प्राचीन श्री अभिमुक्तेश्वर जी शिव मंदिर परिसर में प्रभावशाली कला प्रदर्शनी साइलेंट हेरिटेज, स्पीकिंग फेसेज का आयोजन किया गया। यह प्रदर्शनी मंदिर की ऐतिहासिक वास्तुकला और सांस्कृतिक विरासत को समर्पित थी जिसे प्रसिद्ध मूर्तिकार श्री रविंदर जम्वाल की ओर से प्रस्तुत किया गया।
रविंदर जम्वाल ने कहा कि जब उन्होंने पहली बार 300 साल पुराने इस मंदिर का दौरा किया तो उसकी अनूठी वास्तुकला, गहराई और शिल्प अवशेषों ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया। उन्होंने बताया कि पुरानी धरोहरें तब और भी जीवंत हो उठती हैं जब उन पर रोशनी डाली जाती है और उन्हें अपनी आवाज़ खुद बोलने का अवसर मिलता है।
प्रदर्शनी में समाचार-पत्र के कागज़, चार्ट पेपर, रंगों और अन्य दैनिक उपयोग की सामान्य वस्तुओं से तैयार कलात्मक चित्रों को प्रदर्शित किया गया। इन साधारण वस्तुओं के माध्यम से कलाकार ने इतिहास की कहानियों को दर्शाने का अनूठा प्रयास किया, जिससे अतीत और वर्तमान संवेदनाओं का एक जीवंत सेतु बन सका।
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कार्यक्रम का उद्घाटन भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री एमके अजातशत्रु सिंह ने किया। इस अवसर पर अनेक सम्मानित व्यक्तित्व उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने कहा कि इस प्रकार की कलात्मक प्रस्तुतियां पुरमंडल क्षेत्र की संस्कृति और आध्यात्मिक महत्व को नई पहचान देती है।
रविंदर जम्वाल इससे पहले भी अपनी इंस्टॉलेशन कला और मूर्तियों के माध्यम से क्षेत्र की पौराणिक धरोहर को प्रदर्शित कर चुके हैं। उन्होंने हाल ही में सेंटर फॉर कल्चरल रिसोर्सेज एंड ट्रेनिंग से सीनियर फेलोशिप (2021–22) पूरी की है। रविंदर जम्वाल की यह प्रदर्शनी न केवल कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन थी बल्कि पुरमंडल की ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर को नई दृष्टि देने का एक सफल प्रयास भी।
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रविंदर जम्वाल ने कहा कि जब उन्होंने पहली बार 300 साल पुराने इस मंदिर का दौरा किया तो उसकी अनूठी वास्तुकला, गहराई और शिल्प अवशेषों ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया। उन्होंने बताया कि पुरानी धरोहरें तब और भी जीवंत हो उठती हैं जब उन पर रोशनी डाली जाती है और उन्हें अपनी आवाज़ खुद बोलने का अवसर मिलता है।
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प्रदर्शनी में समाचार-पत्र के कागज़, चार्ट पेपर, रंगों और अन्य दैनिक उपयोग की सामान्य वस्तुओं से तैयार कलात्मक चित्रों को प्रदर्शित किया गया। इन साधारण वस्तुओं के माध्यम से कलाकार ने इतिहास की कहानियों को दर्शाने का अनूठा प्रयास किया, जिससे अतीत और वर्तमान संवेदनाओं का एक जीवंत सेतु बन सका।
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कार्यक्रम का उद्घाटन भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री एमके अजातशत्रु सिंह ने किया। इस अवसर पर अनेक सम्मानित व्यक्तित्व उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने कहा कि इस प्रकार की कलात्मक प्रस्तुतियां पुरमंडल क्षेत्र की संस्कृति और आध्यात्मिक महत्व को नई पहचान देती है।
रविंदर जम्वाल इससे पहले भी अपनी इंस्टॉलेशन कला और मूर्तियों के माध्यम से क्षेत्र की पौराणिक धरोहर को प्रदर्शित कर चुके हैं। उन्होंने हाल ही में सेंटर फॉर कल्चरल रिसोर्सेज एंड ट्रेनिंग से सीनियर फेलोशिप (2021–22) पूरी की है। रविंदर जम्वाल की यह प्रदर्शनी न केवल कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन थी बल्कि पुरमंडल की ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर को नई दृष्टि देने का एक सफल प्रयास भी।

प्रदर्शनी में मूर्ति कार रवींद्र जामवाल दौरा बनाई गई प्रमुख मूर्ति यों के बारे जानकारी देते- फोटो : 1