जम्मू-कश्मीर: कोविड-19 के खिलाफ जंग में पंचायती राज संस्थान निभाएंगे भागीदारी
कोविड के प्रति जागरूकता के लिए पंचायत और ब्लॉक स्तर पर युवाओं की टीमें बनेंगी।
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कोविड के खिलाफ जंग में अब पंचायती राज संस्थान और युवा भी सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। जम्मू संभाग के ग्रामीण क्षेत्रों में संवेदनशील जनसंख्या के टीकाकरण और कोविड के उचित व्यवहार को बढ़ावा देने में इनका सहयोग लिया जाएगा।
आदिवासी मामले विभाग के सचिव और जम्मू प्रांत में कोविड-19 शमन प्रयासों के प्रभारी डॉ. शाहिद चौधरी ने मंगलवार को कोविड के विभिन्न पहलुओं पर सार्वजनिक भागीदारी के लिए जिलों की टीमों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया।
सचिवालय में आयोजित बैठक में योजना, वित्त और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। वहीं वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सहायक आयुक्त विकास, जिला पंचायत अधिकारियों और ओएसडी मिशन यूथ मौजूद रहे।
बैठक में उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थान को सक्रिय भूमिका निभाने की आवश्यकता है। इन संस्थानों को सार्वजनिक रूप से कोविड के उचित व्यवहार के प्रति लोगों को जागरूक करना चाहिए। उन्होंने कोविड के प्रति जागरूकता के लिए युवाओं के समूहों का गठन करने को कहा।
इस दौरान उन्होंने कहा कि सभी जिलों में अस्पतालों में मानव संसाधन और उपकरणों को बढ़ाने के साथ-साथ निर्बाध ऑक्सीजन और बिस्तर की क्षमता बढ़ाने पर काम किया है। इस दौरान एडीसी और डीपीओ ने पंचायत स्तर पर एक मजबूत नियंत्रण नेटवर्क को शुरू करने पर भी चर्चा की। स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों को बढ़ाने के लिए पंचायत स्तर पर प्रतिक्रिया टीम का गठन किया जाएगा।
जिला स्तर पर एसीडी और डीपीओ के साथ काम करने के लिए ओएसडी मिशन यूथ को नोडल अधिकारी प्रतिनियुक्त किया गया है। मिशन यूथ पंचायत और ब्लॉक स्तर पर स्वयंसेवकों का चयन करेगा, जिन्हें सामुदायिक व्यस्तता, जन जागरूकता, टीकाकरण को बढ़ावा देने और समय पर परीक्षण करने सहित अन्य पहलों के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।