पांपोर में मुठभेड़ खत्म, 5 जवान शहीद, 3 आतंकी ढेर
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श्रीनगर से 13 किमी दूर उद्यमिता विकास संस्थान के भवन छिपे आतंकियों के साथ सुरक्षाबलों की मुठभेड़ सोमवार को तीसरे दिन समाप्त हो गई। सुरक्षाबलों ने इमारत में छुपे तीनों आतंकवादियों को मार दिया है।
इस मुठभेड़ में सेना के तीन जवान शहीद हो गए, जबकि सीआरपीएफ के दो जवान और एक स्थानीय नागरिक की मौत हो गई थी। सीआरपीएफ के डीआईजी ने इस हमले के पीछे आतंकी संगठन लश्कर- ए-तैयबा को जिम्मेदार ठहराया है।
उद्यमिता विकास संस्थान (ईडीआई) के उस बहुमंजिले भवन में रविवार दोपहर में आग लग गयी थी। इसके बाद कल सेना ने बिल्डिंग को चारों ओर से घेर लिया था।
आतंकियों के पास भारी मात्रा में गोला-बारूद मौजूद
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार ईडीआई की इमारत से सोमवार सुबह फिर से गोलीबारी हुई थी। सेना ने चौथी मंजिल पर छिपे सभी आतंकवादियों को दोपहर बाद मार गिराया।
राजभवन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मुठभेड़ से राज्यपाल काफी दुखी हैं। उन्होंने डीजीपी के राजेंद्रा और सेना के उत्तरी कमान प्रमुख जीओसी इन सी लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा को अभियान पर स्वयं पैनी नजर रखने को कहा।
सैन्य अधिकारियों का कहना है कि आतंकी ऊंचाई पर हैं और सुरक्षा बलों पर लगातार फायरिंग कर रहे थे। इससे सुरक्षा बलों को इमारत में घुसने में भी समस्या आ रही थी। जिसके चलते इस ऑपरेशन को खत्म करने में काफी समय लग गया।
सुरक्षाबलों के खिलाफ सड़कों पर उतरे स्थानीय लोग
पांपोर में एनकाउंटर साइट पर स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए हैं। सेना के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों को जब पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो भीड़ ने पुलिस के उपर पत्थरबाजी शुरु कर दी।
इसके जबाव में सुरक्षाबलों ने आंसू गैस के गोले दागे। जिसमें छह लोगों के मामूली रुप से घायल होने की खबर है। फिलहाल सेना ने जम्मू-श्रीनगर हाइवे को बंद कर दिया है। पूरे इलाके में सेना में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया है।