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हीरानगर बार्डर पर गोलाबारी से सांबा-आरएसपुरा में बढ़ी सुरक्षा, घुसपैठ की फिराक में हैं पाक आतंकी
Sun, 22 Sep 2019 07:49 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Sun, 22 Sep 2019 07:49 PM IST
सार
- आतंकियों की घुसपैठ के लिए पाकिस्तानी रेंजर कर सकते हैं फायरिंग
- एक साल के बाद गोलीबारी से फिर अशांत हुआ है इंटरनेशनल बॉर्डर
- आरएस पुरा, अरनिया, सांबा, रामगढ़, कानाचक बार्डर पर चौकसी बढ़ी
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- फोटो : फाइल, अमर उजाला
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विस्तार
एक साल के बाद पाकिस्तान ने फिर सरहद पर अशांति फैलाई है। पिछले कुछ दिनों में कठुआ के हीरानगर में पाकिस्तान की तरफ से रिहायशी इलाकों को निशाना बनाकर गोलाबारी की गई है। इसे देखते हुए सांबा और जम्मू के इंटरनेशनल बार्डर पर भी बीएसएफ ने चौकसी बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार आतंकियों की घुसपैठ के इरादे से पाकिस्तानी रेंजर जानबूझ कर फायरिंग कर रहे हैं।
इस समय अंतरराष्ट्रीय सीमा पर धान की फसल लगी हुई है। धान की लंबाई 3 फुट तक हो चुकी है। जबकि इसके पकने तक यह साढ़े चार फुट ऊंची हो जाएगी। धान की लंबाई के बीच दुश्मन पर नजर रखना चुनौती साबित होता है। इसी का लाभ उठाकर आतंकी घुसपैठ की कोशिश करते हैं।
वर्ष 2018 सितंबर के बाद से बार्डर पर फायरिंग नहीं हुई है। लेकिन अब दोबारा से फायरिंग होने से तनाव पैदा हो गया है। जानकारी के अनुसार आरएस पुरा, अरनिया, रामगढ़, कानाचक और परगवाल सेक्टर में बीएसएफ ने चौकसी बढ़ा दी है। दिन के साथ रात की गश्त भी बढ़ाई गई है।
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एंटी टनल स्क्वायड सक्रिय
बीएसएफ का एंटी टनल स्कवायड भी पूरी तरह से सक्रिय है। धान लगने के वक्त सीमा पार से सुरंग खोदने की आशंका बढ़ जाती है। जमीन में नमी होने की वजह से जमीन खोदना आसान हो जाता है। अरनिया और सांबा में पहले भी सुरंग खोदकर घुसपैठ की कोशिश हो चुकी है।
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इस समय अंतरराष्ट्रीय सीमा पर धान की फसल लगी हुई है। धान की लंबाई 3 फुट तक हो चुकी है। जबकि इसके पकने तक यह साढ़े चार फुट ऊंची हो जाएगी। धान की लंबाई के बीच दुश्मन पर नजर रखना चुनौती साबित होता है। इसी का लाभ उठाकर आतंकी घुसपैठ की कोशिश करते हैं।
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वर्ष 2018 सितंबर के बाद से बार्डर पर फायरिंग नहीं हुई है। लेकिन अब दोबारा से फायरिंग होने से तनाव पैदा हो गया है। जानकारी के अनुसार आरएस पुरा, अरनिया, रामगढ़, कानाचक और परगवाल सेक्टर में बीएसएफ ने चौकसी बढ़ा दी है। दिन के साथ रात की गश्त भी बढ़ाई गई है।
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एंटी टनल स्क्वायड सक्रिय
बीएसएफ का एंटी टनल स्कवायड भी पूरी तरह से सक्रिय है। धान लगने के वक्त सीमा पार से सुरंग खोदने की आशंका बढ़ जाती है। जमीन में नमी होने की वजह से जमीन खोदना आसान हो जाता है। अरनिया और सांबा में पहले भी सुरंग खोदकर घुसपैठ की कोशिश हो चुकी है।