गिलानी ने फिर की हिमाकत, फहराया पाकिस्तानी झंडा
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दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल इलाके में शुक्रवार को कट्टर अलगाववादी नेता सैयद अली गिलानी की रैली में एक बार फिर पाकिस्तानी झंडे लहराए गए और पाक परस्त नारे भी लगे।
इतना ही नहीं रैली के दौरान भड़काऊ भाषण भी दिए गए। यह भी कहा कि अमरनाथ यात्रा एक महीने से ज्यादा नहीं चलनी चाहिए। श्रीनगर की तरह यहां भी पुलिस मूक दर्शक बनी सारा तमाशा देखती रही।
प्रशासन को पहले से ही गिलानी के त्राल जाने का अंदेशा था, इसके बावजूद उसे रोकने के कारगर इंतजाम नहीं किए गए। आईजी कश्मीर एसजेएम गिलानी का कहना है कि हम पड़ताल कर रहे हैं अगर कोई गैर कानूनी गतिविधि सामने आई तो दोषियों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
हिंदुस्तान के खिलाफ जमकर जहर उगला
जुमे की नमाज के बाद खानकाह की रैली को संबोधित करते हुए गिलानी ने हिंदुस्तान के खिलाफ जमकर जहर उगला। संयुक्त राष्ट्र संघ की सेना की देखरेख में जनमत संग्रह की बात भी कही।
पर्यटन को कश्मीर की अर्थ व्यवस्था की रीढ़ की हड्डी बताते हुए गिलानी ने कहा कि पर्यटकों का कश्मीर में स्वागत है लेकिन जिस प्रकार से इसका प्रचार किया जा रहा है उससे कश्मीर की सभ्यता और संस्कृति को खतरा पैदा हो सकता है जिसे वह कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।
कश्मीर में शराब के ठेके भी बंद होना चाहिए चाहिए। कश्मीरी पंडितों के लिए अलग टाउनशिप पर गिलानी ने कहा कि इससे कश्मीरी कौम में बटवारा हो जाएगा। कश्मीरी कौम से उनका मतलब है हिन्दू, मुस्लिम तथा सिख।
मुसलमानों के बीच रह रहे हैं कश्मीरी पंडित
गिलानी ने कहा कि वह ऐसा कभी नहीं होने देंगे। जैसे घाटी में सिख समुदाय के लोग कश्मीरी मुसलमानो के बीच रह रहे हैं वैसे ही कश्मीरी पंडित भी रहें।
मुख्यमंत्री मुफ़्ती मोहम्मद सईद को निशाना बनाते हुए गिलानी ने कहा कि जम्मू के लोगों को लगता होगा कि कश्मीरी जनता ने उन्हे वोट देकर जिताया इसलिए उनके प्रति मुफ्ती की सहानुभूति होगी।
लेकिन असली बात तो यह है कि मुफ़्ती जैसा खतरनाक कोई नहीं। वह भले ही सत्ता संभाले हुए हैं लेकिन उनकी सत्ता की डोर नागपुर में है। गिलानी त्राल गोलीकांड में मारे गए यूनुस और खालिद मुज़फ्फर के घर एक जलूस के रूप में गए।
गौरलतब है कि पुलिस ने हुर्रियत कांफ्रेंस के अलगाववादी नेता मर्सरत आलम और अध्यक्ष गिलानी को 16 अप्रैल को नजरबंद कर लिया था।
पाकिस्तानी झंडे लहराए जाने पर भाजपा को उमर ने घेरा
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को गिलानी समर्थकों द्वारा त्राल में पाकिस्तानी झंडे लहराने के मामले में भाजपा द्वारा चुप्पी साधने पर पार्टी को आड़े हाथ लिया।
उमर ने ट्विटर पर लिखा सोचिए अगर मैं मुंबई में फिल्मी सितारों को कश्मीर में शूटिंग करने के लिए मना रहा होता और त्राल में पाकिस्तानी झंडे लहराए जाते तो भाजपा क्या प्रतिक्रिया देती।
पर चूंकि रियासत में भाजपा और पीडीपी की सरकार है तो भाजपा ने इस मामले में चुप्पी साध ली है।