इस 36 घंटे के पाकिस्तानी विधायक ने खोली इमरान खान की पोल, कहा- पीएम मोदी बब्बर शेर
आज पाकिस्तान की पोल खोलते ही एक व्यक्ति सुर्खियों में आ गया। यह शख्स कोई और नहीं है बल्कि पाकिस्तान के वजीर-ए-आजम इमरान खान की पार्टी का ही एक पूर्व विधायक है। वैसे पाकिस्तान इन दिनों अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बार-बार शर्मिंदा हो रहा है। कभी उसकी कुछ हरकतें उसे शर्मसार होने पर मजबूर कर देती हैं तो कभी उनसे जुड़े या जुड़े रहे लोग ही उनको बेनकाब कर देते हैं। कुछ ऐसा ही कहना है इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के नेता एवं पूर्व विधायक बलदेव कुमार का। जानिए कौन हैं बलदेव कुमार
बलदेव पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के नेता हैं। वह खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बारीकोट आरक्षित सीट से विधायक भी रह चुके हैं। हालांकि उनकी विधायकी महज 2 दिन ही रही। अब यह भी जान लीजिए कि बलदेव विधायक कैसे बन गए। 2016 में विधायक सूरण सिंह की हत्या हो गई। हत्या का आरोप बलदेव पर लगा और उन्हें जेल में डाल दिया गया।
वहीं पाकिस्तान में कानून है कि अगर विधायक (पाकिस्तान में एमपीए कहा जाता है) की मौत कार्यकाल के दौरान होती है तो चुनाव परिणाम में दूसरे नंबर पर आने वाले उम्मीदवार को विधायक बना दिया जाता है। वहीं विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने से दो दिन पहले बलदेव हत्या के मामले में बरी हुए और साल 2018 में विधानसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली। वह मजह 36 घंटे ही विधायक रहे।
बलदेव इन दिनों तीन महीने के वीजा पर भारत पहुंचे हैं
बलदेव ने 2007 में पंजाब के खन्ना निवासी एक महिला से विवाह किया था। पाकिस्तान से आने के बाद वह खन्ना में ही अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। बता दें कि बलदेव इन दिनों तीन महीने के वीजा पर भारत पहुंचे हैं। भारत आने के बाद बलदेव ने प्रधानमंत्री मोदी को बब्बर शेर बताया तो वहीं इमरान को खान को नाकाम प्रधानमंत्री बताया है।
बलदेव ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा है कि ना केवल अल्पसंख्यक बल्कि वहां (पाकिस्तान) तो मुस्लिम भी सुरक्षित नहीं हैं। हम पाकिस्तान में कई सारी परेशानियों के बीच रहे हैं। मैं भारत सरकार से अनुरोध करता हूं कि मुझे यहां शरण दें। मैं वापस नहीं जाऊंगा।
बलदेव 12 अगस्त को तीन महीने के वीजा पर भारत आए थे। उन्होंने कुछ महीने पहले ही अपने परिवार को पंजाब के लुधियाना में रिश्तेदारों के पास खन्ना भेजा था। वह अब पाकिस्तान वापस नहीं जाना चाहते हैं। वह कहते हैं कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय पर अत्याचार हो रहा है। वहीं हिंदू और सिख नेताओं की भी वहां हत्या हो रही है, यही कारण है कि वह भी जल्द ही भारत में शरण के लिए आवेदन करेंगे।