नारको टेररिज्म : ड्रग तस्करों के जरिए घुसपैठ के नए रास्ते तलाश रहा है पाकिस्तान

अजय मीनिया, जम्मू Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 30 Jul 2021 04:17 AM IST

सार

  • नए रूट से ड्रग्स सप्लाई सफल होने पर उसी रूट से आतंकी और हथियार भी भेज रहा पाकिस्तान
  • दो सालों में 7 मामलों में ड्रग तस्करी में सीधे तौर पर पाकिस्तान का हाथ 
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विस्तार

आतंकवाद को जिंदा रखने के लिए पाकिस्तान ड्रग तस्करी को बढ़ावा दे रहा है। इसके जरिए न सिर्फ आतंकियों के लिए घुसपैठ और उन तक हथियार पहुंचाने के नए रूट तलाशे जा रहे हैं, बल्कि युवाओं को खोखला भी किया जा रहा है। आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा और हिजबुल मुजाहिद्दीन पाकिस्तान की इस नई रणनीति को अंजाम दे रहे हैं। इसके पीछे पूरी साजिश पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की है। पाकिस्तानी सेना और रेंजर भी इसमें पूरी मदद कर रहे हैं। 
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पिछले दो साल में नारको टेरेरिज्म के सात मामले दर्ज किए गए। 500 करोड़ से ज्यादा की हेरोइन, करोड़ों रुपये की नकदी और 30 से ज्यादा आतंकी व तस्कर भी गिरफ्तार किए गए हैं। इन मामलों की जांच में एक बात सबसे अहम है कि इन तस्करों के जरिए किस तरह से नए रूट तलाशे जा रहे हैं। जिससे आतंकियों की घुसपैठ और हथियारों की सप्लाई कराई जा सके। रणनीति के तहत पंजाब, जम्मू-कश्मीर, बिहार के नशा तस्करों को पाकिस्तान ने अपना मोहरा बनाया है। इन मामलों की जांच में पता चला कि नए रूट से घुसपैठ कराई जाती है और हथियार भी भेजे जाते हैं। 


ऐसे तलाशे जा रहे रूट
पाकिस्तान में बैठे हैंडलर तस्करों तक सप्लाई पहुंचाते हैं। जिस जगह से एक बार सप्लाई भेजी गई, उसी जगह से दो से तीन बार सप्लाई भेजी जाती है, यदि हर बार सप्लाई नहीं पकड़ी गई तो इसी रूट से अगली दफा आतंकियों की घुसपैठ या फिर हथियारों की सप्लाई कराई जाती है। यदि पहली ही बार सप्लाई पकड़ी गई तो अगली बार दूसरी जगह से सप्लाई भेजी जाती है।

हर बार एक नया सेक्टर
पाकिस्तान इस रणनीति के तहत पिछले दो साल से अलग-अलग जगहों से काम कर रहा है। पहले हंदवाड़ा, फिर राजोरीञपुंछ, फिर सांबा-कठुआ, अरनिया, आरएस पुरा और अब अखनूर सेक्टर में ऐसा किया जा रहा है। हालांकि, इन सभी जगहों पर पाकिस्तान द्वारा भेजी गई सप्लाई को पकड़ा गया है। इसलिए किसी एक जगह से बार-बार कोशिश नहीं होती। 

आतंक और ड्रग्स का सीधा कनेक्शन
-11 जून 2019 को सुरक्षाबलों ने लश्कर ए ताइबा के तीन आतंकियों अब्दुल मोमीन पीर, इस्लाम उल हक और इफ्तिखार इंक्राबली को 100 करोड़ की 21 किलो हेरोइन और 1.32 करोड़ रुपये की नकदी के साथ पकड़ा। इनसे पूछताछ होने के बाद तीन और आतंकियों के नाम सामने आए। आतंकी मोमीन 2016 से 2017 के बीच कई बार पाकिस्तान गया। 

-27 मई 2019 को जम्मू से अनंतनाग के रहने वाले फयाज अहमद डार और शोपियां के अरशद अहमद भट्ट को 12 लाख की नकदी और 250 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा। इनसे पूछताछ हुई तो पता चला कि इनको सप्लाई देने वाला मेंढर के बालाकोट का रहने वाला मो अल्ताफ उर्फ हाफिज है। हाफिज को पुलिस ने 21 जून 2019 को पकड़ा। इसके पास से 12 किलो हेरोइन मिली, जो सीमा के उस पार जाकर छिपाकर रखी गई थी। इन आरोपियों में फयाज डार का भाई अयाज पाकिस्तान में हिजबुल का आतंकी था, जिसके जरिए यह तस्करी हुई। अयाज पाकिस्तान के रावलपिंडी में रहता है। 

-26 जुलाई 2020 को सेना ने कुपवाड़ा में दो वाहनों को पकड़ा। टंगधार निवासी बशीर अहमद शेख और अब्दुल आमिर शेख को पकड़ा गया। इनके पास से 10 किलो हेरोइन, एके 47, एके 56, 90 पिस्टल राउंड, 76 एके 47 राउंड मिले। 

-14 सितंबर 2020 को राजोरी पुलिस ने हिजबुल मुजाहिद्दीन के लिए काम करने वाले तारिक गेनेई को 35 करोड़ की 7 किलो हेरोइन के साथ पकड़ा। इससे पूछताछ करने पर तीन और लोग पकड़े गए। इनके पास से 25 करोड़ की पांच किलो हेरोइन मिली। इन आरोपियों में पुंछ का अयाज अहमद, ताहिर इकबाल और निजाम दीन शामिल हैं। 

-19 सितंबर 2020 को बीएसएफ ने अरनिया सेक्टर में 62 हेरोइन बरामद की। इसमें सात लोग गिरफ्तार किए गए। इनमें से दो आरोपी 2005 के दिल्ली धमाकों में भी शामिल थे। पुलिस ने इस मामले में पंजाब के रहने वाले गुरु प्रताप सिंह, सई कलां के जसराज सिंह, पंजाब के फगला निवासी सुभाष चंद्र, सतवारी के गुरबख्श सिंह, अरनिया के शाम लाल, खौड़ के अजीत कुमार को पकड़ा। इन सभी मामलों में एक बात साफ है कि इन लोगों ने तस्करी के नए रूट तलाशे और इन रूट से हथियारों की सप्लाई आई और कई जगहों पर आतंकियों ने घुसपैठ भी की। 

तस्करी के तीन फायदे उठा रहा पाकिस्तान
-तस्करों के जरिए घुसपैठ के नए रूट तलाश रहा
-जम्मू-कश्मीर और देश के अन्य जगहों पर युवाओं को खोखला कर रहा
-तस्करी से मिलने वाली राशि आतंकी गतिविधियों का बढ़ावा देने के लिए इस्तेमाल हो रही

नारको टेरेरिज्म बड़ा खतरा
कई मामलों में देखा गया है कि पाकिस्तान का सीधा कनेक्शन ड्रग तस्करों के साथ है। वह नई रणनीतियों पर काम कर रहा है। इसके नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए एएनटीएफ और तमाम एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। 
-विनय कुमार, एसएसपी, एएनटीएफ

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