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पाकिस्तान ने एक घंटे में दागे 22 गोले, 116 राउंड फायरिंग, हीरानगर सेक्टर में लगातार सीजफायर उल्लंघन
Mon, 23 Sep 2019 10:31 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कठुआ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कठुआ
Published by: Pranjal Dixit
Updated Mon, 23 Sep 2019 10:31 PM IST
सार
- बांध का निर्माण कार्य एक बार फिर बंद कराया गया
- धान की फसल काटने के लिए किसानों की चिंता बढ़ी
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विस्तार
पाकिस्तान ने अपनी नापाक हरकतें जारी रखते हुए अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हीरानगर सेक्टर में सीजफायर का उल्लंघन कर बांध निर्माण कार्य को बंद करवाने की एक और कोशिश की। रविवार रात सवा 10 बजे से सवा 11 बजे तक सतवाल पोस्ट के नजदीक गोलाबारी की। इस बीच भीखाचक पोस्ट से 22 मोर्टार दागने के साथ ही 116 राउंड फायरिंग भी की। इस कारण बांध का निर्माण कार्य बंद करवा दिया गया।
गोलाबारी से किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है लेकिन सीमावर्ती ग्रामीणों और किसानों में दहशत है। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे हीरानगर सेक्टर में चल रहे बांध निर्माण के कार्य को रुकवाने के लिए पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी का सिलसिला सप्ताह भर से जारी है। पिछले एक सप्ताह में कोई भी दिन ऐसा नहीं गया है, जब पाकिस्तान ने फायरिंग न की हो।
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कई इलाकों में धान की फसल लगभग पक चुकी हैं और कटाई का सीजन शुरू होने जा रहा है। पाकिस्तान की गोलाबारी के चलते किसानों की चिंता बढ़ गई है। उन्हें अपनी फसल काटने के लिए गोलाबारी रुकने का इंतजार करना होगा।
यहीं नहीं, गोलाबारी के बीच बाहरी राज्यों से फसल काटने के लिए आने वाले श्रमिक भी काम से परहेज करने लगे हैं। हीरानगर सेक्टर में 22 गांव की हजारों हेक्टेयर फसल तारबंदी से सटी हुई है, जिस पर हर साल पाकिस्तानी गोलाबारी का खतरा मंडराता रहता है।
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गोलाबारी से किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है लेकिन सीमावर्ती ग्रामीणों और किसानों में दहशत है। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे हीरानगर सेक्टर में चल रहे बांध निर्माण के कार्य को रुकवाने के लिए पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी का सिलसिला सप्ताह भर से जारी है। पिछले एक सप्ताह में कोई भी दिन ऐसा नहीं गया है, जब पाकिस्तान ने फायरिंग न की हो।
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कई इलाकों में धान की फसल लगभग पक चुकी हैं और कटाई का सीजन शुरू होने जा रहा है। पाकिस्तान की गोलाबारी के चलते किसानों की चिंता बढ़ गई है। उन्हें अपनी फसल काटने के लिए गोलाबारी रुकने का इंतजार करना होगा।
यहीं नहीं, गोलाबारी के बीच बाहरी राज्यों से फसल काटने के लिए आने वाले श्रमिक भी काम से परहेज करने लगे हैं। हीरानगर सेक्टर में 22 गांव की हजारों हेक्टेयर फसल तारबंदी से सटी हुई है, जिस पर हर साल पाकिस्तानी गोलाबारी का खतरा मंडराता रहता है।