साजिश: जम्मू में सख्ती बढ़ी तो पाकिस्तान ने बदला नारको तस्करी का रूट, पंजाब से मुंबई और सूरत भेजी जा रही चरस
अब श्रीनगर से लेह, मनाली और पंजाब के जरिए तस्करी हो रही है। अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा होते ही सरहद पार से नशे की तस्करी बढ़ गई है।
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नारको टेररिज्म के लिए पाकिस्तान ने नया तस्करी रूट अपनाया है। लेह से वाया मनाली नशे की खेप पूरे देश के बड़े शहरों में भेजी जा रही है। जम्मू में नशा तस्करी पर सख्ती होती देख ऐसा किया गया है। पहले श्रीनगर से जम्मू और पंजाब के जरिए नशा तस्करी हो रही थी। अब श्रीनगर से लेह, मनाली और पंजाब के जरिए तस्करी हो रही है। अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा होते ही सरहद पार से नशे की तस्करी बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने 11 सितंबर को कश्मीर के सोनमर्ग और लेह में 65 लाख रुपये की एक हजार किलो भुक्की बरामद की। तीन ट्रक भी जब्त किए गए। पंजाब के तीन तस्कर पकड़े गए। यह तीनों श्रीनगर से पहले लेह के लिए गए और लेह से वाया मनाली पंजाब जाने वाले थे। पूछताछ में इसका खुलासा हुआ है। ऐसा पहली बार हुआ है, जब लेह से वाया मनाली होकर ड्रग्स सप्लाई की जा रही हो।
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इसलिए शुरू किया गया यह रूट
दरअसल, सितंबर महीने में एएनटीएफ ने जम्मू-कश्मीर में नशे की पांच खेप बरामद की हैं। 2 सितंबर को एएनटीएफ ने कश्मीर के संगम से पंजाब लाया जा रहा 13 किलो गांजा बरामद किया था। पंजाब के तीन तस्कर पकड़े थे। 11 सितंबर सोनमर्ग और लेह में एक हजार किलो भुक्की बरामद की। 17 सितंबर को कश्मीर से पंजाब लेकर जा रही 24 किलो चरस बरामद की गई। 24 सितंबर को जम्मू के पुरमंडल में पंजाब जा रही 200 किलो भुक्की बरामद की गई थी। 30 सितंबर को हाईवे से सटे एनवायरनमेंट पार्क के पास 18 किलो चरस बरामद की गई। यही कारण है कि जम्मू में पकड़े जाने के डर से तस्कर श्रीनगर से माल लेते हैं और फिर लेह मनाली से होकर पंजाब पहुंचते हैं। पहले श्रीनगर से वाया जम्मू फिर पंजाब जाते थे।
पंजाब से मुंबई और सूरत भेजी जा रही चरस
पिछले एक महीने में एएनटीएफ ने कश्मीर से पंजाब जाने वाली तीन खेप बरामद की हैं। पहली खेप 13 किलो गांजा, दूसरी 24 किलो चरस और तीसरी 18 किलो चरस पकड़ी गई। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि पंजाब जाने के बाद यह तीनों खेप गुजरात के सूरत और मुंबई के सिद्धिविनायक क्षेत्र के आसपास तस्करों के पास पहुंचनी थी। इन तस्करों को पकड़ने के लिए एएनटीएफ की एक टीम मुंबई और सूरत में मौजूद भी है।
बड़े शहरों में श्रीनगर की चरस की मांग ज्यादा
सूत्रों का कहना है कि श्रीनगर में तैयार होने वाली चरस और अफगानिस्तान से आने वाली हेरोइन देश के बड़े शहरों में खूब पसंद की जाती है। यही कारण है कि बड़े स्तर पर पंजाब के तस्कर इसको कश्मीरी तस्करों के साथ मिलकर वाया पंजाब से मुंबई, गुजरात और दिल्ली जैसी जगहों पर भेजते हैं। यहां पर रेव पार्टियों में इसका बड़े स्तर पर इस्तेमाल होता है।
एक महीने में कश्मीर से आने वाले ट्रकों में नशे की पांच खेप बरामद की गई हैं। श्रीनगर से जम्मू रूट पर काफी सख्ती होने के चलते तस्कर अब श्रीनगर से लेह और लेह से वाया मनाली पंजाब जाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन लद्दाख पुलिस से मिलकर इस पर नजर रखी जा रही है। एलओसी के पार से नशे की तस्करी बढ़ सकती है। सूरत और मुंबई जैसे शहरों में श्रीनगर से पंजाब जाने वाली चरस जाती है। - विनय कुमार, एसपी, एएनटीएफ जेएंडके