Terror Attack: खाड़ी देशों से फंडिंग के लिए पाकिस्तान करवा रहा जम्मू में आतंकी हमले, कश्मीर के नाम पर ठगी ठप
कश्मीर में सुरक्षाबलों का आतंकियों पर बड़ा दबाव है। रिटायर कर्नल वीके साही ने बताया कि जम्मू में वारदातें इसलिए भी बढ़ीं क्योंकि खाड़ी देश अब कश्मीर के नाम पर पैसा नहीं दे रहे। राजोरी-पुंछ में घने जंगल और गुफाएं होने से आतंकियों को छिपने का ठिकाना मिल जाता है।
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पाकिस्तान कंगाल हो चुका है। खाड़ी देशों से फंडिंग के लिए वह जम्मू में हमले करवा रहा है। कश्मीर में सुरक्षाबलों का आतंकियों पर बड़ा दबाव है। रिटायर कर्नल वीके साही ने बताया कि जम्मू में वारदातें इसलिए भी बढ़ीं क्योंकि खाड़ी देश अब कश्मीर के नाम पर पैसा नहीं दे रहे। राजोरी-पुंछ में घने जंगल और गुफाएं होने से आतंकियों को छिपने का ठिकाना मिल जाता है।
पूर्व डीजीपी एसपी वैद का मानना है कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू को निशाना बनाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान भटकाना भी एक मकसद है। जम्मू-कश्मीर में शांति का दुनिया में जो संदेश गया है उसे भी पाकिस्तान भंग करना चाहता है।
सेवानिवृत्त बिग्रेडियर विजय सागर का कहना है कि गलवान घटना के बाद राजोरी-पुंछ से जवानों को लद्दाख भेजा गया था। इसलिए चीन ने पाकिस्तान पर राजोरी-पुंछ में आतंकियों को सक्रिय करने का दबाव बनाया है।
सांबा से 2021 में शुरू हुआ हमलों का सिलसिला
सांबा में फरवरी, 2021 में आईबी पर 14 स्टिकी बम मिले। इसके तीन महीने बाद जम्मू वायुसेना स्टेशन पर ड्रोन से हमला हुआ। सांबा से शुरू यह सिलसिला थम नहीं रहा। 2021 लेकर अब तक जम्मू संभाग में 29 आतंकी वारदातें हो चुकी हैं।
तिथि हमले का क्षेत्र बलिदान-मौत
- 20 अप्रैल 2023 पुंछ भाटादुड़ियां पांच जवान
- 5 मई 2023 राजोरी (कंडी) पांच जवान
- 21 दिसंबर 2023 पुंछ (डेरा गली) पांच जवान
- 28 अप्रैल 2024 उधमपुर (बसंतगढ़) एक वीडीजी
- 4 मई 2024 पुंछ (सुरनकोट ) एक जवान
- 9 जून 2024 कटड़ा (रियासी) नौ की मौत