बौखलाई आईएसआई की साजिश, एलओसी पर 50 से अधिक बैट दस्ते सक्रिय, सेना ने बढ़ाई सतर्कता
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कश्मीर में आतंकवाद के मोर्चे पर बुरी तरह से परास्त होने के बाद बौखलाए पाकिस्तान की आईएसआई ने एलओसी पर 50 से अधिक बैट दस्ते सक्रिय कर दिए हैं। यह दस्ते घुसपैठ के लिए बने लांचिंग पैड पर तैनात किए गए हैं। फिलहाल, एलओसी पर पुंछ व राजोरी जिले को साफ्ट टारगेट के रूप में चुना गया है।
अनुच्छेद 370 हटने के बाद से जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमला करने में नाकाम रहे हैं। इससे आईएसआई और पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठनों के आकाओं में बौखलाहट है। इसी वजह से सेना को अधिकाधिक नुकसान पहुंचाने के लिए एक महीने के भीतर पाकिस्तान ने दूसरी बार बैट हमला किया है।
सैन्य सूत्रों ने बताया कि एक महीने में राजोरी जिले के सुंदरबनी और पुंछ जिले के गुलपुर सेक्टर में हुए दो बैट हमलों में काफी समानता है। दोनों ही हमलों में पहले बैट ने धमाके किए। इसके बाद सिर कलम कर लिया। पुंछ के गुलपुर सेक्टर में शुक्रवार को हुए हमले में आतंकियों ने पोर्टर को निशाना इसलिए बनाया क्योंकि वे फौजी ड्रेस में थे। बताते हैं कि यहां सेना के साथ काम करने वाले पोर्टर सैन्य वर्दी में होते हैं।
बैट ने ड्रेस के चक्कर में ही धमाका कर दो पोर्टरों को उड़ा दिया
घात लगाए बैट ने ड्रेस के चक्कर में ही धमाका कर दो पोर्टरों को उड़ा दिया। इससे पहले सुंदरबनी सेक्टर में गत 16 दिसंबर को बैट हमला किया गया था। पुंछ व राजोरी जिले को फिलहाल सॉफ्ट टारगेट बनाने के पीछे यहां की भौगोलिक परिस्थितियां सहायक हैं। यहां पहले भी हमले हुए हैं, लेकिन इन दिनों घाटी में बर्फबारी के कारण एलओसी क्रॉस कर पाना मुश्किल है।
इस वजह से सारा ध्यान इन्हीं दो जिलों के कम बर्फबारी वाले इलाकों पर केंद्रित कर रखा है। दोनों जिलों की भौगोलिक परिस्थितियों को आतंकी घात लगाकर हमलों के लिए भी इस्तेमाल कर रहे हैं। घने जंगलों के कारण छिपकर सेना की मूवमेंट की जानकारी हासिल करने में आसानी रहती है। इनका निशाना खासकर एलओसी की पेट्रोलिंग पार्टी व अग्रिम पोस्ट हैं। बैट कई दिनों तक पेट्रोलिंग पार्टी की मूवमेंट पर नजर रखने के बाद घटना को अंजाम देती है।
एलओसी पर बैट हमले के संभावित खतरे को देखते हुए सेना पूरी तरह सतर्क है। दुश्मनों की किसी भी प्रकार की कोशिश को नाकाम बनाया जाएगा। उनकी हर गतिविधियों पर पैनी नजर है।
- सैन्य प्रवक्ता