जिंदगी से हारी बहन को हिम्मत दे जिंदा रखने वाली
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‘तू घबरा न बहना, मैं ठीक हूं और हम दोनों जल्दी ही ठीक हो जाएंगे... कुछ नहीं हुआ मुझे, हौसला रख... मेरे बच्चों और पति को मेरे बारे में जानकारी भी नहीं है...’ यह बोल उस बहन के हैं, जिसने पाक गोलाबारी में घायल होने के बाद अपनी घायल बहन को ढांढस बंधाई थी, लेकिन सोमवार को मेडिकल कालेज में इलाज के दौरान वही बहन जिंदगी की लड़ाई हार गई।
तीन जनवरी को हीरानगर के छन लाल दीन गांव में पाक गोलाबारी में मधुबाला पत्नी पवन कुमार निवासी अमृतसर बुरी तरह से घायल हुई थीं। साथ ही इनकी एक अन्य बहन रजनी देवी भी घायल हुई थी। मधुबाला और उसकी बहन रजनी देवी अपनी बीमार मां का हाल जानने के लिए पहुंची थीं।
तीन जनवरी को घर पहुंचने पर पाक गोलाबारी में दोनों घायल हो गई थीं। इनके भाई विजय कुमार का बेटा मोहित भी पाक गोलाबारी में घायल हुआ था।
तीन जनवरी को हुई थी पाक गोलीबारी
सोमवार को मेडिकल कालेज में मधुबाला ने दम तोड़ दिया। तीन जनवरी को घायल होने के बाद मधुबाला और रजनी देवी दोनों अस्पताल पहुंची थीं। दोनों की हालत काफी गंभीर थी। रजनी और मधुबाला दोनों एक ही वार्ड में एक-दूसरे के सामने के बेड पर लेटी हुई थीं। रजनी बार-बार रोते बिलखते हुए बोल रही थी कि उसकी बहन जिंदा है या नहीं।
कई घंटों तक उसने रट लगाए रखी थी। तब मधुबाला बेहोश थी, लेकिन जैसे ही उसे होश आई तो उसने दूर से ही आवाज लगाकर कहा कि बहना मैं ठीक हूं, लेकिन सोमवार को रजनी की फिक्र बहन मधुबाला की मौत के साथ खत्म हो गई और बहन को ढांढस बंधाने वाली बहन की हिम्मत भी टूट गई। वहीं घर में बीमार मां भी अपनी बेटी की मौत को लेकर बदहवास है।