नहीं माना पाक, सीमा पार से फिर की फायरिंग
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भारतीय जवानों ने भी इसका मुंहतोड़ जवाब दिया। शाम लगभग साढ़े चार बजे शुरू हुई गोलाबारी एक घंटे तक जारी रही। उसके बाद रुक-रुक कर गोलाबारी होती रही।
गोलाबारी का मुख्य मकसद नियंत्रण रेखा से आतंकियों की घुसपैठ करवाना था, लेकिन भारतीय जवानों ने उन्हें अपने इरादों में कामयाब नहीं होने दिया।
भारतीय चौकियों को बनाया गया निशाना
पाक सेना की 651 मुजाहिदीन रेजिमेंट ने अपनी अग्रिम चौकियों हक्कल ट्री और डब्सी फारवर्ड से भारतीय सेना की 5 ग्रिनेडियर रेजिमेंट की अग्रिम चौकियों पीली, पोना, नोल, लंजोट फारवर्ड और 485 को निशाना बनाया।
इस दौरान पाक रेंजरों ने यूनिवर्सल मशीन गनों और मोर्टारों से गोलाबारी की। उल्लेखनीय है कि सावन के इस महीने में जिले में मौसम खराब होता है, जिससे कारण आतंकियों को घुसपैठ करने में आसानी होती है।
खराब मौसम के कारण नियंत्रण रेखा पर लगाए गए नाइट विज़न डिवाइस और अन्य उपकरण भी सही परिणाम नहीं दे पाते हैं, जिसका घुसपैठिए लाभ उठाने की कोशिश करते हैं।