Pahalgam Attack: 'हर तरफ बिखरे थे शव और खून...', पर्यटकों को बचाने वाले रईस ने बयां किया खौफनाक मंजर
हमले के दौरान नायक बने रईस की हर तरफ सराहना हो रही है। मगर, उन्होंने जो खौफनाक मंजर बयां किया, वह दिल दहलाने वाला है। भट ने पर्यटकों की मदद के लिए घाटी में और ऊपर चढ़ने का फैसला किया और नीचे आ रहे कुछ टट्टू वालों को भी साथ चलने के लिए राजी किया।
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पहलगाम में पोनी ओनर्स एसो. के अध्यक्ष रईस अहमद भट उस समय अपने दफ्तर में बैठे थे, जब संघ महासचिव के संदेश से उन्हें पता चला कि पर्यटकों पर आतंकी हमला हुआ है। तब वह जान की परवाह किए बगैर ही अकेले बायसरन घाटी की ओर चल पड़े। रास्ते में मिले कुछ स्थानीय लोगों और टट्टू वालों की मदद से घायल पर्यटकों को पानी पिलाया और सुरक्षित स्थानों पर भेजा।
भट ने कहा, घाटी में ऊपर चढ़ने पर हमले से खौफजदा और कुछ घायल पर्यटक भागते दिखाई दिए। कीचड़ से सने नंगे पांव भागते लोग पानी-पानी की गुहार लगा रहे थे। हमने जंगल से गुजरने वाली पानी की आपूर्ति वाली पाइप तोड़ा और उन्हें पानी पिलाया।
35 साल में ऐसा कभी भी नहीं देखा
भट ने कहा, मैं 35 वर्ष का हो गया हूं, लेकिन पहलगाम में पहले कभी भी ऐसी घटना नहीं देखी। हमलावर उस समय भी वहां होते, तो हमारी जान को खतरा हो सकता था, लेकिन मैंने इसकी परवाह नहीं की। मुझे बस यही लग रहा था कि किसी भी तरह से लोगों की मदद करनी चाहिए।
भारत भ्रमण पर निकले उमर के मंत्री, सुरक्षा की दी गारंटी
आतंकी हमले के बाद अपने छात्रों और कारोबारियों की चिंता दूर करने के लिए जम्मू-कश्मीर के मंत्री भारत भ्रमण पर हैं। इन मंत्रियों ने हिमाचल, पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में पहुंचकर वहां की सरकार, प्रशासन और अपने छात्रों और कारोबारियों से बातचीत की है। राज्य की कैबिनेट ने संबंधित सरकारों से सहयोग मांगा है, तो जम्मू-कश्मीर के नागरिकों को सुरक्षा की गारंटी दी है।
उपमुख्यमंत्री सुरिंद्र चौधरी ने मुंबई में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की है। उन्होंने विश्वविद्यालय में पहुंचकर घाटी के छात्रों से मुलाकात की। आश्वासन दिया कि राज्य सरकार उनके साथ चौबीस घंटे खड़ी है। स्वास्थ्य मंत्री शकीना इट्टू ने पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारा से मुलाकात की। राज्यपाल ने भरोसा दिया है कि पंजाब में रहने वाले जम्मू-कश्मीर के छात्रों और कारोबारियों की सुरक्षा पुख्ता की जाएगी।
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पहलगाम हमले की जांच एनआईए को, लश्कर कमांडर समेत पांच और आतंकियों के घर ध्वस्त
केंद्र सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी है। वहीं, सुरक्षाबलों ने दहशतगर्द संगठन लश्कर-ए-ताइबा के शीर्ष कमांडर शाहिद अहमद कुट्टे समेत पांच और आतंकियों के घर ध्वस्त कर दिए। दो दिन में सात आतंकियों व उनके मददगारों के घर जमींदोज हो चुके हैं। उधर, एनआईए की एक टीम पहले से पहलगाम में मौजूद है। अब एजेंसी स्थानीय पुलिस से केस डायरी और एफआईआर लेकर औपचारिक मुकदमा दर्ज करेगी।
हमले के बाद से पूरी कश्मीर घाटी में 63 आतंकी ठिकानों पर छापे मारे गए और 1,500 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। अकेले अनंतनाग से ही करीब 175 संदिग्ध पकड़े हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने श्रीनगर समेत कई अन्य जगहों पर भी आतंकियों व उनके समर्थकों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापे मारकर संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इस बीच, जम्मू-कश्मीर में सक्रिय 14 स्थानीय आतंकियों की सूची जारी की गई है। ये आतंकी पाकिस्तानी दहशतगर्दों को रसद व जमीनी सहायता के अलावा सुरक्षित पनाह भी मुहैया कराते हैं। इनमें तीन हिजबुल मुजाहिदीन, आठ लश्कर और तीन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हैं।
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अधिकारियों ने बताया, शुक्रवार रात पुलवामा, शोपियां व कुलगाम में आतंकियों के घर ध्वस्त किए गए। पुलवामा के मुरान में अहसान उल हक शेख का घर ढहाया गया। 2018 में पाकिस्तान में प्रशिक्षण लेने वाले अहसान ने हाल में घुसपैठ की थी। शोपियां के छोटीपोरा में लश्कर के शीर्ष कमांडर शाहिद अहमद कुट्टे का घर ध्वस्त किया गया। तीन-चार वर्षों से सक्रिय कुट्टे कई वारदातों में शामिल रहा है। कुलगाम के मतलहामा में जाकिर अहमद गनी का घर भी गिरा दिया गया। गनी 2023 से सक्रिय है। दक्षिण कश्मीर के कलरूस स्थित लश्कर आतंकी फारूक तीड़वा का घर ध्वस्त कर दिया गया। शोपियां के वांदिना जैनापोरा में आतंकी अदनान शफी का घर भी ढहाया गया। एक साल से सक्रिय शफी ने एक गैर स्थानीय श्रमिक की हत्या की थी। इससे पहले, हमले के मुख्य संदिग्ध सहित दो आतंकियों आदिल ठोकर व आसिफ शेख के घर तलाशी के दौरान विस्फोटक फटने से नष्ट हो गए थे।