फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Overseas Day: For 33 years 42 thousand families do not have shelter the bite of displacement in their own cou

प्रवासी दिवस: 33 साल से 42 हजार परिवारों के पास नहीं आशियाना, अपने ही देश में ही विस्थापन का दंश

Sun, 18 Dec 2022 12:33 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Sun, 18 Dec 2022 12:33 PM IST
सार

राहत और पुनर्वास विभाग के साथ कुल 44 हजार विस्थापित परिवार पंजीकृत है। इसमें 39868 परिवार हिंदू है, जबकि 2574 मुस्लिम, 1642 सिख और 5 अन्य परिवार शामिल हैं।

विज्ञापन
Overseas Day: For 33 years 42 thousand families do not have shelter the bite of displacement in their own cou
जम्मू-कश्मीर - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

विस्थापित कश्मीरी पंडित सन्नी रैना 20 साल से जम्मू में निजी कंपनी में नौकरी कर रहे हैं। हर साल क्वार्टर के लिए आवेदन करते है, लेकिन आश्वासन के सिवाए कुछ नहीं मिला है। सन्नी पहले किराये के कमरे में रहते है, जहां व छह हजार रुपये किराया दे रहे है। सन्नी से जैसे पांच सौ अधिक लोगों ने पांच सालों में क्वार्टर के लिए आवेदन किया है, लेकिन आजतक क्वार्टर की राह देख रहे हैं।

विज्ञापन


राहत और पुनर्वास विभाग के साथ कुल 44 हजार विस्थापित परिवार पंजीकृत है। इसमें 39868 परिवार हिंदू है, जबकि 2574 मुस्लिम, 1642 सिख और 5 अन्य परिवार शामिल हैं। इनमें से सिर्फ छह हजार परिवारों को ही क्वार्टर मिला है। वहीं, 42 हजार परिवार आज भी आशियाने की राह देख रहे हैं। वर्तमान में जम्मू संभाग में छह कैंप में परिवार छह हजार परिवार रह रहे हैं। इनमें से 42 सौ परिवार जगती टाउनशिप और दो सौ परिवार पुरखू और मुट्ठी में हैं। राहत और पुनर्वास विभाग लोगों को क्वार्टर नहीं दे पा रहा है और न विभाग की भविष्य में फिल्हाल क्वार्टर बनने की कोई योजना है। 
विज्ञापन


सर्वे जारी, पात्र लोगों को दिया जाएगा क्वार्टर

राहत आयुक्त विभाग के एक अधिकारी के अनुसार सरकारी क्वार्टर में रहने वाले परिवारों का सर्वे हो रहा है, जो 15 दिन चलेगा। इसमें ऐसे लोगों की पहचान की जा रहा है जो योग्य और जिन्होंने क्वार्टर को किराये पर दिया। ऐसे लोगों की पहचान कर क्वार्टर योग्य लोगों को दिया जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कश्मीर में सिर्फ 1022 लोगों के पास क्वार्टर 

कश्मीर घाटी में पीएम पैकेज के तहत नियुक्ति कर्मचारियों में सिर्फ 1022 लोगों के पास ही सरकारी क्वार्टर है। 5 हजार से अधिक कर्मचारी किराये के कमरे में रह रहे हैं। पीएम पैकेज इंप्लाइज के सदस्य सतीश रैना के अनुसार मौजूदा हालात में अब स्थानीय मुस्लिम भी कमरा किराये पर नहीं दे रहे हैं। सरकार के पास हमारे लिए घाटी में आवासीय सुविधा नहीं है। 


कश्मीर में पीएम पैकेज के कर्मचारियों के लिए क्वार्टर बनाए जा रहे हैं। कर्मचारियों को जल्द इसकी सुविधा मिलेगी। जम्मू में लोगों रहने वाले विस्थापित परिवारों के लिए फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है। - केके सिद्दा, राहत आयुक्त, जम्मू।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed