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Jammu News: जल परिवहन के लिए 20 यात्रियों की क्षमता वाले खरीदे जाएंगे क्रूज
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में जल परिवहन की संभावनाएं अब हकीकत बनती नजर आ रही हैं। रंजीत सागर झील समेत रावी, झेलम और चिनाब नदी में जल्द ही क्रूज दौड़ने लगेंगे। शुरुआत में 20 यात्रियों की क्षमता वाले क्रूज खरीदे जाएंगे। ये बिजली संचालित क्रूज होंगे ताकि पर्यावरण का भी संरक्षण हो सके। ये क्रूज तीनों नदियों में चिह्नित किए गए टर्मिनलों के बीच चलेंगे।
प्रदेश के मुख्य सचिव अटल डुल्लू की अध्यक्षता में शुक्रवार को श्रीनगर में हुई बैठक में इस पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने संबंधित विभागों को कम से कम समय में इसके कार्यान्वयन के लिए समन्वित रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया। बता दें कि रावी में इस सुविधा से हिमाचल, पंजाब भी जुड़ जाएंगे।
भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) के प्रतिनिधियों ने इस बैठक में प्रारंभिक सर्वेक्षणों के निष्कर्षों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जल परिवहन के लिए नदियों के हिस्सों की व्यवहार्यता का आकलन किया गया है। इस दौरान क्रूज के संचालन के लिए झेलम, चिनाब और रावी नदियों के उन हिस्सों की पहचान की गई है, जहां पर क्रूज चलाए जा सकते हैं।
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दरअसल, मुख्य सचिव ने यह अहम बैठक जम्मू-कश्मीर की प्रमुख नदी प्रणालियों में अंतर्देशीय जल परिवहन (आईडब्ल्यूटी) शुरू करने की संभावनाओं का पता लगाने के लिए की थी। इस बैठक में आईडब्ल्यूएआई के अलावा जल शक्ति विभाग के एसीएस, कश्मीर के मंडलायुक्त, पर्यटन आयुक्त सचिव, पीडब्ल्यूडी के सचिव समेत जम्मू-कश्मीर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में झेलम, चिनाब और रावी नदियां कई जिलों को जोड़ती हैं। अगर इनमें जल परिवहन शुरू होता है तो लागत कम आएगी। साथ ही यह कम भीड़भाड़ वाला और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन नेटवर्क विकसित करने का एक अनूठा अवसर होगा।
बुनियादी ढांचे के विकास में आईडब्ल्यूएआई से मांगा सहयोग
बैठक में ढांचागत विकास को लेकर भी मंथन हुआ। मुख्य सचिव ने आईडब्ल्यूएआई से तकनीकी और अवसंरचनात्मक सहायता देने की बात कही। साथ ही आग्रह किया कि वे अंतर्देशीय जल परिवहन को यथाशीघ्र वास्तविकता बनाने के लिए अपनी सहायता प्रदान करें। उन्होंने पर्यटन, परिवहन और पीडब्ल्यूडी के समन्वय में टर्मिनलों और इलेक्ट्रिक क्रूज संचालन सहित आवश्यक बुनियादी ढांचे के सहयोगात्मक विकास का जोर दिया।
राष्ट्रीय नीति के अनुरूप है योजना
बैठक में इस बात को खास तौर पर रेखांकित किया गया कि जम्मू-कश्मीर में अंतर्देशीय जल परिवहन का विकास केंद्र सरकार की नदी परिवहन को आरामदायक, दक्षता और प्रदूषण मुक्त प्रकृति के लिए बढ़ावा देने की राष्ट्रीय नीति के अनुरूप है। मुख्य सचिव ने इस परिवहन मॉडल को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
बहुरेगा पर्यटन
तीनों प्रमुख नदियों में जल परिवहन सेवा शुरू होने से पर्यटन भी बहुरेगा। इसी संभावनाओं को देखते हुए बैठक में इसकी पर्यटन क्षमता और वंचित क्षेत्रों को जोड़ने में इसकी उपयोगिता पर भी चर्चा की गई।
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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में जल परिवहन की संभावनाएं अब हकीकत बनती नजर आ रही हैं। रंजीत सागर झील समेत रावी, झेलम और चिनाब नदी में जल्द ही क्रूज दौड़ने लगेंगे। शुरुआत में 20 यात्रियों की क्षमता वाले क्रूज खरीदे जाएंगे। ये बिजली संचालित क्रूज होंगे ताकि पर्यावरण का भी संरक्षण हो सके। ये क्रूज तीनों नदियों में चिह्नित किए गए टर्मिनलों के बीच चलेंगे।
प्रदेश के मुख्य सचिव अटल डुल्लू की अध्यक्षता में शुक्रवार को श्रीनगर में हुई बैठक में इस पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने संबंधित विभागों को कम से कम समय में इसके कार्यान्वयन के लिए समन्वित रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया। बता दें कि रावी में इस सुविधा से हिमाचल, पंजाब भी जुड़ जाएंगे।
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भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) के प्रतिनिधियों ने इस बैठक में प्रारंभिक सर्वेक्षणों के निष्कर्षों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जल परिवहन के लिए नदियों के हिस्सों की व्यवहार्यता का आकलन किया गया है। इस दौरान क्रूज के संचालन के लिए झेलम, चिनाब और रावी नदियों के उन हिस्सों की पहचान की गई है, जहां पर क्रूज चलाए जा सकते हैं।
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दरअसल, मुख्य सचिव ने यह अहम बैठक जम्मू-कश्मीर की प्रमुख नदी प्रणालियों में अंतर्देशीय जल परिवहन (आईडब्ल्यूटी) शुरू करने की संभावनाओं का पता लगाने के लिए की थी। इस बैठक में आईडब्ल्यूएआई के अलावा जल शक्ति विभाग के एसीएस, कश्मीर के मंडलायुक्त, पर्यटन आयुक्त सचिव, पीडब्ल्यूडी के सचिव समेत जम्मू-कश्मीर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में झेलम, चिनाब और रावी नदियां कई जिलों को जोड़ती हैं। अगर इनमें जल परिवहन शुरू होता है तो लागत कम आएगी। साथ ही यह कम भीड़भाड़ वाला और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन नेटवर्क विकसित करने का एक अनूठा अवसर होगा।
बुनियादी ढांचे के विकास में आईडब्ल्यूएआई से मांगा सहयोग
बैठक में ढांचागत विकास को लेकर भी मंथन हुआ। मुख्य सचिव ने आईडब्ल्यूएआई से तकनीकी और अवसंरचनात्मक सहायता देने की बात कही। साथ ही आग्रह किया कि वे अंतर्देशीय जल परिवहन को यथाशीघ्र वास्तविकता बनाने के लिए अपनी सहायता प्रदान करें। उन्होंने पर्यटन, परिवहन और पीडब्ल्यूडी के समन्वय में टर्मिनलों और इलेक्ट्रिक क्रूज संचालन सहित आवश्यक बुनियादी ढांचे के सहयोगात्मक विकास का जोर दिया।
राष्ट्रीय नीति के अनुरूप है योजना
बैठक में इस बात को खास तौर पर रेखांकित किया गया कि जम्मू-कश्मीर में अंतर्देशीय जल परिवहन का विकास केंद्र सरकार की नदी परिवहन को आरामदायक, दक्षता और प्रदूषण मुक्त प्रकृति के लिए बढ़ावा देने की राष्ट्रीय नीति के अनुरूप है। मुख्य सचिव ने इस परिवहन मॉडल को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
बहुरेगा पर्यटन
तीनों प्रमुख नदियों में जल परिवहन सेवा शुरू होने से पर्यटन भी बहुरेगा। इसी संभावनाओं को देखते हुए बैठक में इसकी पर्यटन क्षमता और वंचित क्षेत्रों को जोड़ने में इसकी उपयोगिता पर भी चर्चा की गई।