नई पीढ़ी को भी डोगरी के साथ जोड़ा जाए
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कालेज की प्रिंसिपल डा. किरण बख्शी मौजूद रहीं। कार्यक्रम में संभाग के डोगरी लेखक और कवियों ने शिरकत कर डोगरी भाषा के अनुवाद को लेकर अपने-अपने विचार रखे।
इस मौके पर मैसूर के नेशनल ट्रांसलेशन मिशन के सुनील चौधरी ने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है संभाग की भाषाओं का अनुवाद करने के लिए ट्रांसलेटर को तैयार करना और उन्हें संभाग की भाषाओं के बारे में संपूर्ण जानकारी देना।
सात दिन चलेगा कार्यक्रम
कार्यक्रम में पद्मश्री पदमा सचदेव ने डोगरी भाषा को बढ़ावा देने के लिए अपने विचार और अनुभवों को श्रोताओं के साथ साझा किया।
उन्होंने कहा कि डोगरी भाषा का संरक्षण और बढ़ावा देने के लिए जरूरी है कि हम अपनी नई पीढ़ी को डोगरी भाषा के साथ जोड़े और अपने घर और आसपास डोगरी भाषा में भी बात करें।
इस मौके पर डोगरी कवि प्रो. चंपा शर्मा ने भी डोगरी भाषा की मिठास और भाषा में झलकते डोगरी विरासत की झलक और संस्कृति के बारे में जानकारी दी। सात दिवसीय कार्यक्रम के दौरान शहर के विभिन्न कालेजों के प्रोफेसर, लेखक, कवि और छात्र हिस्सा लेंगे।