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डोमिसाइल कानून पर वोट बैंक की खातिर सवाल उठा रहा विपक्ष, पर उनके बच्चे करेंगे समर्थन: जितेंद्र सिंह
Mon, 25 May 2020 04:50 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Mon, 25 May 2020 04:50 PM IST
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केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह
- फोटो : ANI
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केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर के नए डोमिसाइल कानून पर विपक्ष केवल वोट बैंक की खातिर सवाल उठा रहा है। कुछ विपक्षी पार्टियां सीमित वोट बैंक के आधार पर जम्मू-कश्मीर में सालों तक शासन करती रही। डोमिसाइल कानून से उन्हें लगा रहा है कि वह अब मुश्किल में आ गए हैं। विपक्षी दलों के नेता भले नए कानून का विरोध करें लेकिन उनके ही बच्चे इस कानून का समर्थन करेंगे।
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डॉ. सिंह ने कहा कि कुछ परिवार पीढ़ी दर पीढ़ी अपना आधिपत्य बनाए रखने में इस वजह से सफल रहे क्योंकि वे मतदाता सूची में उन्हीं लोगों के नाम शामिल करवाते थे जिनके वोट बैंक को वे अपने मनमाफिक तब्दील कर लें। उन लोगों को बाहर कर दिया जाता था जिनके बारे में यह जानकारी थी कि वे अपनी मर्जी से वोट देंगे। 1947 से वे बड़े तबके को इस साजिश के तहत मताधिकार से वंचित रखे हुए थे। इसके पीछे वे कुतर्क देते थे कि पश्चिम पाकिस्तान के रिफ्यूजी होने के नाते वे नागरिकता तथा मताधिकार के अधिकारी नहीं हैं।
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डेमोग्राफी में बदलाव संबंधी आरोपों पर उन्होंने हमला करते हुए कहा कि ऐसा कहने वाले लोग उस वक्त कहां थे जब कश्मीरी पंडित समुदाय घाटी से विस्थापन को मजबूर कर दिए गए थे। कश्मीरियत तथा कश्मीर की संस्कृति की ऐसे लोगों ने हत्या कर दी है जो केवल कश्मीरी पंडितों की उपस्थिति से ही संभव है।
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उन्होंने कहा कि यह कितना अमानवीय था कि आल इंडिया सर्विस के लोग जिन्होंने प्रदेश में 30 से 35 साल की सेवा दी उन्हें सेवानिवृत्त होने के बाद कह दिया जाए कि वे जम्मू-कश्मीर के बजाय देश के किसी भी कोने में रहने के लिए स्थान की तलाश कर लें।