जम्मू कश्मीर में मिशन 'आधार' को लगा बड़ा झटका
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आधार कार्ड से मतदाताओं को जोड़ने के राष्ट्रव्यापी अभियान को रियासत में तगड़ा झटका लगा है। कारण यहां अब तक कुल मतदाताओं के आधे से भी कम के आधार कार्ड बने हैं। रियासत की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर और राजोरी इस मामले में काफी पिछड़े हैं, जबकि कुलगाम और कारगिल में सबसे अधिक मतदाता आधार कार्ड से जुड़े हैं।
वर्तमान में राज्य में 73 लाख 16 हजार 173 मतदाता हैं। इनमें से लगभग 36 लाख मतदाताओं को आधार कार्ड जारी हुआ है। यानी 50 फीसदी से भी कम मतदाताओं के पास आधार कार्ड है। सूत्रों का कहना है कि रियासत में आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया काफी धीमी है। श्रीनगर में तो काफी कम लोगों के पास आधार कार्ड हैं।
पिछले साल आई बाढ़ और बाद के हालातों में यहां आधार बनाने की गति काफी सुस्त है। यही हाल राजोरी जिले का भी है। आयोग के सूत्रों ने बताया कि अब तक रियासत में 10.50 लाख मतदाताओं को आधार कार्ड से जोड़ा जा सका है। आधार से जोड़ने के साथ-साथ मतदाताओं के मोबाइल और ई-मेल भी जुटाए जा रहे हैं।
8.81 लाख मतदाताओं के फोन नंबर और 15000 के ई-मेल एड्रेस जुटाए जा चुके हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) रक्षपाल सिंह ने बताया कि आधार से मतदाताओं को जोड़ने का काम प्रगति पर है, लेकिन बहुत कम मतदाताओं के पास आधार कार्ड हैं। कुलगाम और कारगिल में 48 प्रतिशत वोटर आधार से जुड़ सके हैं, जो राज्य में सबसे अधिक है।
सभी को आधार से जोड़ना मुश्किल
राज्य के सभी मतदाताओं को आधार से जोड़ना काफी मुश्किल है। कारण प्रोग्राम को पूरा होने में अब ढाई महीना रह गया है और अब तक आधे से ज्यादा वोटर के पास आधार कार्ड नहीं है। प्रोग्राम शुरू हुए ढाई महीने से ज्यादा समय गुजर गया और अब तक मात्र साढ़े 10 लाख मतदाताओं को जोड़ा जा सका है। अब भी 62 लाख से अधिक मतदाताओं को आधार से जोड़ा जाना शेष है।
उत्तर क्षेत्र के सीईओ की बैठक आज दिल्ली में
आधार कार्ड से मतदाताओं को जोड़ने की प्रगति की बुधवार को निर्वाचन आयोग समीक्षा करेगा। उत्तर क्षेत्र के सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को समीक्षा बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया गया है। सभी सीईओ से इस दिशा में हुई प्रगति के ब्योरे के साथ बुलाया गया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त पूरे मामले की समीक्षा करेंगे।
क्या है योजना
नेशनल इलेक्ट्राल रोल प्यूरीफिकेशन और आथेंटिकेशन प्रोग्राम गत तीन मार्च को देशभर में शुरू किया गया। इसके तहत मतदाताओं को आधार कार्ड से जोड़ने का लक्ष्य है। मतदाता सूची में आधार नंबर दर्ज करवाकर मतदाताओं के विषय में सभी प्रकार की सूचनाएं आयोग के पास उपलब्ध कराने के मकसद से यह योजना शुरू की गई थी। यह योजना 15 अगस्त तक चलनी है। इस प्रोग्राम का मकसद त्रुटि रहित और विश्वसनीय मतदाता सूची उपलब्ध कराना है, ताकि चुनाव निष्पक्ष हो सके।