जीएसटी लागू न होने के कारण जम्मू कश्मीर को पहले दिन 1 हजार करोड़ का नुकसान
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रियासत में जीएसटी न लगने से कारोबारियों के लिए मुश्किल हालात पैदा हो गए हैं। पूरे देश में जीएसटी लागू होने के बाद पहले ही दिन जम्मू-कश्मीर को लगभग 1000 करोड़ रुपये की चपत लगी है। रियासत का दूसरे राज्यों से कारोबार ठप हो गया है।
बाहर से सामान रियासत में नहीं आ पा रहे और रियासत के कारोबारियों का सामान भी बाहर नहीं जा पा रहा। मौजूदा हालत में रियासत से दूसरे राज्यों में कारोबार पर दो तरह के टैक्स की मजबूरी पैदा हुई है।
इस कारण अंतरराज्यीय व्यापार ठप हो गया है। पेंट्स, पेस्टीसाइड्स वालों ने काम बंद कर दिया है। इस वक्त पेस्टीसाइड्स का सीजन है, ऐसे में कारोबारी परेशान हैं। कच्चे माल को लेकर रोना रो रहे हैं।
जल्द लागू नहीं हुआ जीएसटी तो होता रहेगा नुकसान
सीमेंट उद्योग को कोयले की जरूरत है। कैसे आए? अखरोट बादाम के कंसाइनमेंट तो पहले ही रोक दिए गए हैं। रियासत में परंपरागत पशमीना शाल, कारपेट के दूसरे राज्यों में बिक्री पर राह में रोड़ा आ गया है। पंजाब, दिल्ली, चंडीगढ़ समेत कई राज्यों में इनकी बड़ी मांग है, लेकिन वह माल उठाने को तैयार नहीं।
लकड़ी के फर्नीचर का कारोबार भी बुरी तरह प्रभावित है। तैयार माल को कारोबारियों ने स्टाक कर लिया है। दवा कारोबारियों के सामने मुश्किल है। जीएसटी नंबर के बगैर बिलिंग का सवाल सबके सामने मुंह बाए खड़ा है।
रियासत में हैंडीक्राफ्ट से चार लाख कारीगर जुड़े हैं। अगर जीएसटी पर लंबे समय तक फैसला नहीं होता तो निश्चित रूप से उनके सामने मुश्किल खड़ी हो जाएगी। सप्ताह भर यही हालात रहे तो उद्योग करीब 500 करोड़ के भार के नीचे चरमरा रहे होंगे।