उमर बोले: जम्मू-कश्मीर एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र में शामिल हुआ था, पता होता हमें दबाया जाएगा तो हमारा फैसला कुछ और होता
परिसीमन आयोग की रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी ने पैनल से कहा है कि उसका अस्तित्व ही अवैध है।
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जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम और नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के नेता उमर अब्दुल्ला ने लाउडस्पीकर से लेकर हलाल मीट तक के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उमर ने कहा, हमें कहा जाता है कि अजान के लिए लाउडस्पीकर का इस्तेमाल न करें। क्यों? हम आपको यह नहीं कहते कि मंदिरों में लाउडस्पीकर का प्रयोग नहीं करना चाहिए। आप हमें बता रहे हैं कि हलाल का मांस नहीं बेचा जाना चाहिए। हम आपको खाने के लिए मजबूर नहीं कर रहे हैं।
अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र में शामिल हुआ था। हमें ये नहीं कहा गया था कि एक मजहब को ज्यादा एहमियत दी जाएगी और दूसरे मजहब को दबाया जाएगा। हमें ये कहा गया होता तो शायद हमारा फैसला कुछ और होता।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हम स्वागत करते हैं
उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट की इस घोषणा का स्वागत किया कि संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के संबंध में याचिकाओं को गर्मी की छुट्टी के बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।
उमर ने कहा कि गर्मी की छुट्टी के बाद पीठ गठित करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हम स्वागत करते हैं। हम समझते हैं कि कोरोना के कारण याचिकाओं को पहले सूचीबद्ध नहीं किया जा सकता था, लेकिन अब हम अदालत से अनुरोध करेंगे कि सुनवाई फास्ट-ट्रैक आधार पर हो। अगस्त 2019 के बाद से कई बदलाव हुए हैं, जो नहीं होने चाहिए थे। आगे और देरी से किए गए बदलावों के फैसले को पलटने में मुश्किल होगी।
अब्दुल्ला यहां पार्टी मुख्यालय में नेकां के युवा नेताओं से बातचीत कर रहे थे। यह पूछे जाने पर कि क्या यह बैठकें जम्मू-कश्मीर में चुनाव से संबंधित थीं, नेकां के उपाध्यक्ष ने कहा कि इसका कोई संबंध नहीं है। उमर ने कहा, मैं युवाओं से यह समझने के लिए मिल रहा हूं कि वे क्या सोचते हैं और उन्हें किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
परिसीमन आयोग का अस्तित्व ही अवैध
परिसीमन आयोग की रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी ने पैनल से कहा है कि उसका अस्तित्व ही अवैध है। हमने पुनर्गठन अधिनियम को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसका अर्थ है कि परिसीमन आयोग को भी चुनौती दी गई है। इसलिए हम तेजी से सुनवाई चाहते हैं और अदालत से फैसला लेना चाहते हैं।
बारामुला में हिजाब संबंधी आदेश गलत
बारामुला के एक विशेष स्कूल द्वारा अपने शिक्षकों को हिजाब नहीं पहनने के लिए कहने के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्कूल की ओर से गलत था।
उन्होंने कहा, इस देश में हर किसी को अपने धर्म का पालन करने की आजादी है। यह हमारे संविधान में निहित है कि हम एक धर्मनिरपेक्ष देश हैं, जिसका अर्थ है कि सभी धर्म समान हैं। मुझे नहीं लगता कि इसमें किसी सरकार को दखल देना चाहिए। हम चाहेंगे कि इस तरह के फैसले न लिए जाएं। सभी धर्मों के लोगों को अपने धर्म का पालन करने के लिए स्वतंत्र होना चाहिए। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने इसे राजनीति के लिए माहौल बनाने का प्रयास बताया।
पीएजीडी को चुनाव लड़ना चाहिए
यह पूछे जाने पर कि क्या पीपुल्स अलायंस फॉर गुप्कर डिक्लेरेशन (पीएजीडी) गठबंधन के रूप में चुनाव लड़ेगी, अब्दुल्ला ने कहा कि यह निर्णय लेने वाले नेताओं को करना है। मैं पीएजीडी का पदाधिकारी नहीं हूं। लेकिन मैं अपनी निजी राय दे सकता हूं... मैं चाहूंगा कि पीएजीडी गठबंधन के रूप में चुनाव लड़े। हमें बीजेपी और उसकी बी टीम और सी टीम को वोट बांटने नहीं देना चाहिए।