बाढ़ पीड़ित कश्मीर में उमर ने खुद संभाला मोर्चा
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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला कश्मीर में बाढ़ पीड़ितों के बीच खुद फूड पैकेट बांट रहे हैं। सेना के हेलीकाप्टर से उमर ने बुधवार को श्रीनगर के बाढ़ पीड़ित इलाकों का जायजा लिया और फूड पैकेट भी खुद गिराए। बाढ़ के पहले दिन से ही मुख्यमंत्री राहत कार्यों की खुद निगरानी कर रहे हैं।
उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया है हर क्षेत्र तक मदद पहुंचाई जाएगी। कुछ इलाकों में राहत सामग्री नहीं पहुंचाए जाने पर उपजे गुस्से को उमर ने जायज बताया। उन्होंने कहा कि हालात गंभीर है। बाढ़ पीड़ितों को राहत में कमी पर हो रही आलोचनाओं को उमर ने खारिज कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न एजेंसियां संयुक्त रूप से काम कर रहीं हैं जिसमें रियासत सरकार की मशीनरी भी शामिल है।
गौरतलब है कि बाढ़ से अब तक 220 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। लगभग चालीस लाख की आबादी इसकी चपेट में है। उन्होंने कहा कि अगर कुछ लोग विरोध में नारे लगाते हैं तो इसका मतलब है कि उन्हें बचाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है जहां वह विरोध जता रहे हैं। मैं लोगों के गुस्से को समझता हूं। मैं उनकी दिक्कतों को भी समझता हूं।
बाढ़ पीड़ितों का गुस्सा भी झेल रहे सुरक्षा बल
श्रीनगर जोन के आईजी सीआरपीएफ पीएस संधु का कहना है कि बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर सुरक्षा बलों को बड़ी अजीब तरह की परिस्थितियों से भी रूबरू होना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि जिस भी इलाके में सुरक्षा बल बोट लेकर लोगों को बचाने के लिए निकलते हैं, वहां हर गली और मोड़ पर खड़े लोग उन्हें आगे जाने से रोककर पहले उनके मोहल्ले और बस्ती में जाने को मजबूर करते हैं।
ऐसे में दूर दराज के इलाकों में मदद पहुंचने में काफी वक्त लग रहा है। संधु का कहना था कि चूंकि सभी लोगों की जानें उतनी ही कीमती हैं और सुरक्षा बलों को सबकों बचाना है इसलिए वह लोगों की भावनाओं को समझते हैं। पर ऐसे में कई जगह अधिक मुसीबत में फंसे लोगों तक पहुंचने में सुरक्षा बलों को लोगों के गुस्से का भी शिकार होना पड़ रहा है।
गुस्साए लोगों के हमले में एनडीआरएफ जवान जख्मी
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में बचाव अभियान चला रहे नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एनडीआरएफ) के एक जवान को स्थानीय लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा। लोगों के हमले में वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। एनडीआरएफ अधिकारी के अनुसार गुस्साए लोगों ने जवान पर अचानक हमला कर दिया, जिससे उसके हाथ में बुरी चोट आई है।
स्थानीय लोग एक खास इलाके में अभियान केंद्रित करने की मांग कर रहे थे, लेकिन उन्होंने जब दूसरे क्षेत्र में जाना चाहा तो लोगों ने उन पर हमला कर दिया। घायल जवान को वायुसेना के विमान से चंडीगढ़ रवाना किया गया है। अधिकारियों के अनुसार एक दिन पहले से कई इलाकों में उनके जवानों को लोगों के रोष का सामना करना पड़ रहा है।
ताजा हालातों को देखते हुए एनडीआरएफ और गृहमंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने कैबिनेट सेक्रेटरी से कहा है कि जिन क्षेत्रों में जवान अभियान चला रहे हैं, वहां सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं, ताकि वे बचाव अभियान जारी रख सकें। अधिकारियों के अनुसार निर्णय लिया गया है कि सीआरपीएफ बचाव अभियान में लगे एनडीआरएफ की सुरक्षा करेगी, लेकिन यदि वे सीआरपीएफ को साथ लेकर जाते हैं तो बोट में जगह कम पड़ेगी।