फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Omar Abdullah may be released soon, Jammu Kashmir news in hindi

जम्मू-कश्मीरः किसी भी समय हो सकती है उमर अब्दुल्ला की रिहाई, इस बात से मिले संकेत

Thu, 19 Mar 2020 11:01 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Thu, 19 Mar 2020 11:01 AM IST
विज्ञापन
Omar Abdullah may be released soon, Jammu Kashmir news in hindi
उमर अब्दुल्ला

सुप्रीम कोर्ट द्वारा बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की रिहाई पर केंद्र व जम्मू-कश्मीर प्रशासन से जवाब तलब किए जाने के बाद नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) उपाध्यक्ष की रिहाई किसी भी समय हो सकती है। वह लगभग सात महीने से नजरबंद हैं।

विज्ञापन

 
सूत्रों का दावा है कि जिस प्रकार सर्वोच्च न्यायालय ने उनकी रिहाई की याचिका पर केंद्र व प्रदेश से जवाब मांगा है उससे इस बात की संभावना और मजबूत होती है कि उमर को किसी भी समय रिहा किया जा सकता है। चार अगस्त 2019 को उन्हें एहतियातन नजरबंद किया गया था।
विज्ञापन


इसकी अवधि पूरी होने के बाद पांच फरवरी को उन पर जन सुरक्षा अधिनियम में निरुद्ध कर दिया गया था। तब से वह हरि निवास में नजरबंद हैं। उनके पिता व नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला को पिछले हफ्ते 13 मार्च को सात माह बाद रिहा किया गया था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को केंद्र और जम्मू कश्मीर प्रशासन से कहा कि वे अगले सप्ताह बताएं कि क्या पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को रिहा किया जा रहा है। संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान खत्म करने के सरकार के पिछले साल अगस्त के फैसले के बाद से ही उमर अब्दुल्ला हिरासत में हैं।

न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ ने केंद्र की ओर से पेश अधिवक्ता से कहा कि अगर अब्दुल्ला को शीघ्र रिहा नहीं किया गया तो वह इस नजरबंदी के खिलाफ उनकी बहन सारा अब्दुल्ला पायलट की बंदीप्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करेगी। पीठ ने कहा, ‘यदि आप उन्हें रिहा कर रहे हैं तो जल्द कीजिए अन्यथा हम इस मामले की गुणदोष के आधार पर सुनवाई करेंगे।’

पीठ ने यह टिप्पणी उस वक्त की जब केंद्र और जम्मू-कश्मीर प्रशासन के अधिवक्ता ने सूचित किया कि इस मामले में पेश हो रहे सालिसीटर जनरल तुषार मेहता इस समय दूसरे न्यायालय में बहस कर रहे हैं। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पीठ से अनुरोध किया कि इस मामले की सुनवाई के लिये कोई नजदीक की तारीख निर्धारित की जाए।

इस पर पीठ ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था की वजह से इस समय शीर्ष अदालत में सिर्फ छह पीठ काम कर रही हैं और उसे नहीं मालूम कब अगली बारी आएगी। पीठ ने कहा कि संभवत: अगले सप्ताह हम बैठ रहे हैं और इस मामले को उस समय लिया जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed