गंगा की बहन देविका को भी शिव ने दिया था ये वरदान
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गंगा की बड़ी बहन देविका के पावन तट पर उधमपुर में महादेव का प्राचीन मंदिर आज भी शिवभक्तों के लिए आस्था का केंद्र है। इस प्राचीन मंदिर के सामने से देविका का जहां प्रवाह है वहीं, इस ऐतिहासिक मंदिर के साथ ही दूध गंगा नामक नदी का भी प्रवाह है जिससे देविका तथा दूध गंगा नदी का संगम तट भी है।
ऐसा कहा जाता है कि गंगा की बहन देविका के भागवान महादेव ने मां गंगा की तरह ही एक वरदान दिया था कि जहां-जहां से होकर वे गुजरेंगी मेरा मंदिर आपके तट पर विराजमान होगा। देविका के तट पर प्राचीन काल से ही भोले महादेव का मंदिर स्थित है जिससे हर पर्व त्योहारों पर स्थानीय लोग बड़ी ही श्रद्धा के साथ यहां पर जलाभिषेक करने आते हैं तथा खास कर श्रावण माह में यहां पर जलाभिषेक क रने दूर दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं।
वहीं, इस तट पर जब तीन दिवसीय बैसाखी मेला लगता है तब इस मंदिर में पूजा -अर्चना करनेवाले श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होती है। वहीं, महाशिवरात्रि पर भी कतारबद्ध होकर शिवपूजन के लिए श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।
कैसे पहुंचे देविका तट पर
गौरतलब है कि जम्मू से करीब 65 किलोमीटर दूर उधमपुर के देविका तट पर महादेव का प्राचीन मंदिर है जहां पर बस के मध्यम से आसानी से पहुंचा जा सकता है जबकि उधमपुर रेल मार्ग से भी जुड़ा हुआ है।
इस मार्ग से ट्रेन से उधमपुर रेलवे स्टेशन पहुंच कर वहां पर मेटाडोर या टैक्सी से देविका के तट पर पहुंच कर प्राचीन महादेव मंदिर का दर्शन श्रद्धालु कर सकते हैं।
पुराणों में उल्लेख मिलता है कि माता पार्वती देविका के रूप में अवतरित हैं और भगवान भोले महादेव ने उनके अवतरण के समय कहा था जहां -जहां से वह गुजरेंगी वहां के तटों पर हमारी भी पूजा होगी।