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जम्मू-कश्मीर में अब टूरिस्ट प्लेस पर मिलेगा वाई-फाई

Wed, 08 Apr 2015 11:58 AM IST
Updated Wed, 08 Apr 2015 11:58 AM IST
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now use wifi in mata vaishno devi darbar and dal lakes

माता वैष्णो देवी आने वाले श्रद्धालुओं और डल लेक आने वाले पर्यटकों के लिए खुशखबरी है। इन दोनों जगहों के अलावा पहलगाम और गुलमर्ग में अब आने वाले पर्यटक वाई-फाई सुविधा का मजा ले सकेंगे। इसके अलावा जम्मू और श्रीनगर दोनों शहरों को आईटी स्मार्ट सिटी बनाया जाएगा।

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इसका निर्णय मंगलवार को सूचना तकनीकी विभाग की एक उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया। सूचना तकनीकी मंत्री मौलवी रजा अंसारी ने इसकी जानकारी दी है। विभाग की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए इस पर फैसला हुआ। श्रीनगर के बेमिना में आईटी भवन बनाया जाएगा। कठुआ के घाटी, जैंजाकोट और बड़गाम में आईटी पार्क बनाए जाएंगे।
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बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य में वाइड एरिया नेटवर्क को ई डिस्ट्रिक्ट और स्टेट सर्विस डिलीवरी गेटवे प्रोजेक्ट के साथ शुरू किया जाएगा। इससे जिला और ब्लाक स्तर पर लोगों को सुविधा मिल सकेगी। मंत्री ने कहा कि कटड़ा में हर वर्ष एक करोड़ श्रद्धालु आते हैं। घाटी में भी हर वर्ष 15 से 16 लाख पर्यटक आते हैं। ऐसे में बाई फाई से इन पर्यटकों को काफी फायदा पहुंचेगा।

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शिवखोड़ी श्राइन का अलग बोर्ड गठित: लोन

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बैठक में विभाग के अधिकारियों से और भी कई जानकारियां दी गई। बताया गया कि आई टी क्षेत्र में ई गवर्नेंस एजेंसी, स्टेट ई मिशन टीम और राज्य सूचना तकनीकी विभाग की ओर से 10 प्रोजेक्ट पूरे कर लिए गए हैं, 13 प्रोजेक्ट पूरे होने की कगार पर हैं और 12 प्रोजेक्ट मंजूरी के लिए तैयार हैं।

शिवखोड़ी पवित्र गुफा के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए सरकार ने शिवखोड़ी श्राइन बोर्ड के लिए अलग बोर्ड का गठन किया गया है। कृषि मंत्री गुलाम नबी लोन हंजूरा ने मंगलवार विधान परिषद में कांग्रेस सदस्य जुगल किशोर शर्मा के ध्यान आकर्षण प्रस्ताव के जवाब देते हुए कहा कि बोर्ड के गठन से श्रद्धालुओं की जरूरतों के अनुसार सेवाओं को बढ़ाने में मदद मिल रही है।

पर्यटन मंत्री की तरफ से जवाब देते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि बोर्ड के फैसले के अनुसार पिट्ठू वालों, पालकी वालों से अधिसूचित रेट के हिसाब से शुल्क लिया जाता है। इससे पूर्व कांग्रेस सदस्य जुगल किशोर ने कहा कि पिट्ठू वालों, पालकी वालों से शुल्क वसूल नहीं किया जाना चाहिए।

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