जी 20 बैठक: कश्मीर में अब नहीं होती हड़ताल, जितेंद्र बोले- पहले इस्लामाबाद से किया जाता था प्रायोजित
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आतंकवाद के कारण दो पीढ़ियों को खो चुके लोग अब आगे बढ़ना चाहते हैं। यह सबसे बड़ा परिवर्तन है।
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श्रीनगर में जी20 बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि कश्मीर में बड़ा बदलाव आया है। अब यहां कोई हड़ताल नहीं होती। पहले इस्लामाबाद से हड़ताल का आह्वान किया जाता था और रेजीडेंसी रोड (शहर के केंद्र में) की दुकानें बंद हो जाती थीं।
आतंकवाद के कारण दो पीढ़ियों को खो चुके लोग अब आगे बढ़ना चाहते हैं। यह सबसे बड़ा परिवर्तन है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने आशा व्यक्त की कि प्रतिनिधि कश्मीर के राजदूत बनेंगे और घाटी के सकारात्मक स्थिति को उजागर करेंगे।
उन्होंने कहा, मुझे उम्मीद है कि जब हमारे दोस्त वापस जाएंगे, तो वे कश्मीर की खूबसूरती और यहां की स्थिति से अन्य को अवगत कराएंगे। उन्होंने कहा कि गुजरे जमाने के स्टार शम्मी कपूर न केवल कश्मीर से बाहर एक स्टार बने, बल्कि यहां की खूबसूरती को भी फिल्मों के माध्यम से सबके सामने रखा।
दस लाख (1996 फिल्म) को पूरी तरह से उस होटल में शूट किया गया था, जिसे ओबेरॉय के नाम से जाना जाता था। कई गाने यहां शूट किए गए थे। फिल्में 1990 तक (जब घाटी में आतंकवाद भड़का था) राजस्व और व्यवसाय (कश्मीर में) का एक बड़ा स्रोत थीं।
फिल्म निर्माताओं को आकर्षित कर रही घाटी
मंत्री ने कहा कि फिल्म निर्माता राज कपूर ने अपनी फिल्म संगम के लिए यूरोप में शूटिंग के साथ प्रयोग किया, लेकिन जब लौटे, तो उन्होंने कश्मीर में शूटिंग करना चुना। उन्होंने कहा कि घाटी एक बार फिर फिल्म निर्माताओं को आकर्षित कर रही है।
जितेंद्र सिंह ने कहा कि कश्मीर को जहां बॉलीवुड से फायदा हुआ है, वहीं इसने फिल्म उद्योग को भी योगदान दिया है। मुंबई का पहला सितारा अभिनेता व गायक केएल सहगल जम्मू-कश्मीर से थे। उन्होंने कहा कि घाटी फिल्मों की शूटिंग के लिए सबकुछ मुहैया कराती है। हमें उम्मीद है कि हमारे लड़कों और लड़कियों को फिल्म उद्योग में भी अवसर मिलेंगे।