जननी को सुविधा : जम्मू कश्मीर के मेडिकल कॉलेजों में अब वेतन के साथ मिलेगा मातृत्व अवकाश
प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में अब छह माह का मातृत्व अवकाश वेतन के साथ मिलेगा। इसमें एक शर्त ये है कि अवकाश अवधि का कार्यकाल/पाठ्यक्रम उतने ही दिन आगे बढ़ा दिया जाएगा।
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जम्मू-कश्मीर के मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत वरिष्ठ महिला रेजीडेंट-ट्यूटर (एसआर), स्नातकोत्तर (पीजी) छात्रों और डीएनबी (डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड कोर्स, पीजी) के लिए प्रशासन ने बड़ी राहत दी है।
प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में अब छह माह का मातृत्व अवकाश वेतन के साथ मिलेगा। इसमें एक शर्त ये है कि अवकाश अवधि का कार्यकाल/पाठ्यक्रम उतने ही दिन आगे बढ़ा दिया जाएगा। मातृत्व अवकाश की व्यवस्था पहले भी थी लेकिन इसमें वेतन नहीं मिलता था। इसके साथ ही एमटीपी/गर्भपात(मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी अधिनियम, 1971) के लिए 40 दिन के अवकाश की भी अनुमति होगी।
20 दिन के आकस्मिक अवकाश के साथ प्रति वर्ष पांच शैक्षणिक अवकाश भी मिलेंगे। एक साप्ताहिक अवकाश भी ले सकेंगे। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) और राष्ट्रीय शिक्षा बोर्ड (एनबीई) के मानदंडों के अनुपालन में जम्मू-कश्मीर के सभी मेडिकल कॉलेजों में अवकाश के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। नए नियमों में पुरुष वरिष्ठ रेजिडेंट/ट्यूटर को 15 दिन के पितृत्व अवकाश की अनुमति होगी।
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. सैयद आबिद रशीद शाह ने कहा कि एसआर और पीजी के लिए मातृत्व अवकाश और आकस्मिक अवकाश का उद्देश्य महिलाओं के अनुकूल कार्य पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है। चिकित्सा शिक्षा में हितधारकों के साथ परामर्श के बाद और उनकी मांगों की वास्तविकता को समझते हुए इन छुट्टियों की अनुमति का निर्णय लिया गया है।
एमडी व एमएस पाठ्यक्रम बहुत मांग वाले हैं, इसलिए नए अवकाश नियम स्थिति को बेहतर बनाएंगे। नए नियम पीजी छात्रों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को भी कम करेंगे। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने हाल ही के दिनों में कई उपायों के तहत कई नीतिगत पहल की हैं। इन पहलों में पुराने जीएमसी में संकाय संरचना का पुनर्गठन और एनएमसी मानदंडों के अनुसार चिकित्सा शिक्षा भर्ती नियमों में संशोधन, वरिष्ठ रेजीडेंट व शिक्षकों के चयन के लिए समान नीति दिशानिर्देश शामिल हैं।
अवकाश के लिए पुराने और नए नियम
- एक साप्ताहिक अवकाश - पहले नहीं -अब है
- मातृत्व अवकाश -पहले बिना वेतन-अब वेतन सहित (180 दिन)
- पितृत्व अवकाश-पहले नहीं -अब 15 दिन
- एमटीपी अवकाश-पहले नहीं-अब 40 दिन
- वार्षिक अवकाश-पहले 15 दिन-अब 20 दिन
- वार्षिक अकादिमक अवकाश-पहले नहीं-अब 5 दिन