फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Now agricultural land can be used for non-agricultural purposes in Jammu and Kashmir, approval of Medicity in Jammu and Pampore

सरकार का फैसला: जम्मू-कश्मीर में अब कृषि भूमि का गैर कृषि कार्यों में हो सकेगा इस्तेमाल, जम्मू और पांपोर में मेडिसिटी को मंजूरी 

Fri, 17 Dec 2021 01:46 AM IST
विमल शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: विमल शर्मा Updated Fri, 17 Dec 2021 01:46 AM IST
सार

उप राज्यपाल सिन्हा की अध्यक्षता में प्रशासनिक परिषद ने लैंड यूज बदलने के मामलों का निस्तारण करने के लिए संबंधित जिलों के डीसी को अधिकृत किया गया है। परिषद ने एक अन्य फैसले में जम्मू व पांपोर में मेडिसिटी को भी मंजूरी दे दी है। यहां लोगों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।

विज्ञापन
Now agricultural land can be used for non-agricultural purposes in Jammu and Kashmir, approval of Medicity in Jammu and Pampore
जम्मू में अधिकारियों के साथ बैठक करते उपराज्यपाल मनोज सिन्हा। - फोटो : संवाद

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में अब कृषि भूमि का गैर कृषि कार्यों में इस्तेमाल हो सकेगा। नए नियमों से अब कृषि भूमि के गैर कृषि उद्देश्यों के लिए अनियंत्रित बदलाव पर रोक लग सकेगी। वीरवार को उप राज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई प्रशासनिक परिषद की बैठक में इसकी मंजूरी दे दी गई। परिषद ने एक अन्य फैसले में जम्मू व पांपोर में मेडिसिटी को भी मंजूरी दे दी है। यहां लोगों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।

विज्ञापन


कृषि भूमि के इस्तेमाल में बदलाव की मंजूरी संबंधी फैसले का उद्देश्य अनाज की पैदावार को बढ़ावा देने के साथ-साथ औद्योगिक और सर्विस सेक्टर को भी बढ़ावा देना है ताकि रोजगार का सृजन भी हो सके। नए नियमों से जम्मू-कश्मीर भूमि प्रयोग के मामले में देश के अन्य अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा हो गया है।  
विज्ञापन


जम्मू कश्मीर के पुनर्गठन के बाद भूमि राजस्व अधिनियम में हुए बदलावों के बाद नियमों में बदलाव की भी जरूरत थी। इससे केंद्र शासित प्रदेश के लोगों की विकास की आकांक्षाओं को पूरा करने में भी मदद मिलेगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


डीसी अधिकृत, बाजार मूल्य की पांच फीसदी फीस निर्धारित
लैंड यूज बदलने के मामलों का निस्तारण करने के लिए संबंधित जिलों के डीसी को अधिकृत किया गया है। डीसी आवेदन मिलने के 30 दिनों के भीतर मंजूरी या नामंजूरी का फैसला देंगे। जिला उपायुक्त साढ़े बारह एकड़ भूमि प्रयोग में बदलाव की मंजूरी दे पाएंगे। इसके लिए स्टैंप एक्ट के तहत बाजार मूल्य की पांच फीसदी फीस देनी होगी।

डीसी की तरफ से जारी किए गए आदेश से एक साल के भीतर आवेदक को मंजूर की गई भूमि को गैर कृषि प्रयोग के लिए उपयोग में लाना होगा। हालांकि जिस कार्य के लिए मंजूरी दी गई है, आवेदक वह कार्य ही भूमि पर कर पाएगा।


17 मरला जमीन पर घर या फार्म हाउस बनाने पर छूट
17 मरला भूमि पर आवास या फिर फार्म हाउस बनाने के लिए मंजूरी लेने पर छूट दी गई है। सहायक आयुक्त राजस्व, एसडीएम और संबंधित तहसीलदारों को अपने संबंधित क्षेत्राधिकार में कार्यान्वयन की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई हैं। प्रत्येक कृषि विस्तारक अधिकारी को नियमों का उल्लंघन होने पर इसकी जानकारी राजस्व अधिकारियों को देने के लिए कहा गया है। ऐसा न करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed