फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   No signs of goveravment formation in Jammu & Kashmir yet

सियासी धुंध ने रोकी सरकार गठन की रफ्तार

Tue, 30 Dec 2014 09:45 PM IST
Updated Tue, 30 Dec 2014 09:45 PM IST
विज्ञापन
No signs of goveravment formation in Jammu & Kashmir yet

सियासी धुंध ने नई सरकार के गठन की रफ्तार रोक दी है। पीडीपी और भाजपा के गठबंधन की संभावनाओं पर जमी बर्फ अब तक नहीं पिघली है। इस बीच सियासी शह मात का खेल चरम पर पहुंच गया है।

विज्ञापन


पीडीपी ने कांग्रेस के महागठबंधन के प्रस्ताव पर विचार के संकेत दिए तो भाजपा चौंकी और राम माधव अचानक गवर्नर एन एन वोहरा से मिलने पहुंच गए।

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की राज्यपाल से बुधवार के तय मुलाकात से पहले मिलकर भाजपा ने अपने साथ 30 विधायकों के होने का दावा किया है।

इस बीच सोनिया के बधाई फोन का असर कम करने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पीडीपी संरक्षक मुफ्ती मोहम्मद से फोन पर संभावित गठबंधन पर बातचीत की। प्रस्तावों और 44 के आंकड़े के फेर में फंसी पीडीपी सरकार गठन के लिए गवर्नर से और वक्त की मांग कर सकती है।
विज्ञापन

महागठबंधन का प्रस्ताव गुलाम नबी आजाद ने दिया

No signs of goveravment formation in Jammu & Kashmir yet

दरअसल महागठबंधन का प्रस्ताव कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद ने दिया था। जिसके तहत पीडीपी, नेकां और कांग्रेस को मिलाकर धर्मनिरपेक्ष सरकार बनाने की बात कही गई थी। हालांकि नेकां पहले ही ऐसे प्रस्ताव को खारिज कर चुकी है लेकिन पीडीपी के सकारात्मक रुख ने भाजपा को सचेत कर दिया।

भाजपा आलाकमान ने जरा देर भी नहीं करते हुए गवर्नर को हालात से अवगत कराने का फैसला लिया। महासचिव राम माधव ने सोमवार देर रात तक कोर कमेटी के साथ भावी सरकार के स्वरूप पर मंथन किया था। सुबह ही राज्यपाल से समय लिया गया और भाजपा के दावे को अनौपचारिक रूप से गवर्नर को बता दिया गया।

राम माधव के साथ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जुगल किशोर शर्मा भी थे। शर्मा अब एक बार फिर एक जनवरी को अपने पदाधिकारियों के साथ गवर्नर से मिलेंगे जिसमें सरकार बनाने का दावा विधिवत पेश किया जाएगा।

जेटली और मुफ्ती में फोन पर बातचीत

No signs of goveravment formation in Jammu & Kashmir yet

भाजपा ने दूसरे मोर्चे पर भी सक्रियता कायम रखी। इसके तहत जेटली और मुफ्ती में फोन पर बातचीत हुई। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मुफ्ती को फोन पर जीत की बधाई देकर भावी गठबंधन के द्वार खोले थे। पीडीपी के मुख्य प्रवक्ता नईम अख्तर ने जेटली द्वारा मुफ्ती को फोन किए जाने की पुष्टि की है।

पीडीपी ने दल के अंदर गठबंधन की हर संभावना पर विस्तार से विचार कर लिया है लेकिन फैसले में जल्दबाजी नहीं करना चाहती। सूत्रों का कहना है कि महबूबा बुधवार को राज्यपाल से मुलाकात कर सबसे बड़े दल की हैसियत से सरकार बनाने का दावा कर सकती है लेकिन सरकार के स्वरूप और समर्थकों की सूची सौंपने के लिए कुछ और समय मांग सकती हैं।  

मुफ्ती मोहम्मद की कार्यशैली में जल्दबाजी शुमार नहीं है। 2002 में कांग्रेस से तीन-तीन साल तक मुख्यमंत्री के पद के बंटवारे का समझौता करने में मुफ्ती ने तीन सप्ताह का वक्त लिया था। मुफ्ती द्वारा फैसला लिए जाने तक रियासत में राज्यपाल शासन लगा रहा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed