एसोसिएशन की खींचतान में बोल्ड हो रहे क्रिकेटर
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रियासत में बाढ़ से क्रिकेट मैदानों को हुई क्षति को देखते हुए बीसीसीआई ने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन को दूसरे राज्यों में कोचिंग कैंप लगाने का न्योता दिया है। इसमें हिमाचल प्रदेश, पंजाब, दिल्ली जैसे राज्यों में कैंप लगाया जाना प्रस्तावित है।
इसके साथ बीसीसीआई की टीम अगले हफ्ते श्रीनगर और जम्मू के मैदानों का जायजा लेकर नुकसान के आकलन पर रिपोर्ट देगी। सोमवार को हैदराबाद में हुई बीसीसीआई की बैठक में जेकेसीए के महासचिव एमएल नेहरू ने कई मुद्दों को रखा।
एसोसिएशन के चेयरमैन अरविंद सिंह मिक्की ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए कई वर्गों में कोचिंग कैंप लगाए जाने हैं लेकिन मैदान उपलब्ध न होने के कारण बीसीसीआई के दूसरे राज्यों में कैंप लगाने के न्यौते पर संभावित खिलाड़ियों को भेजा जाएगा।
वीरेन्द्र सहवाग की एकेडमी पर भी है निगाह
उन्होंने बताया कि वीरेंद्र सिंह सहवाग से उनकी हेरिटेज क्रिकेट एकेडमी के लिए बात की गई है। इस मैदान को स्टैंड बाई रखा जाएगा। इसके अलावा आरआरएल के मैदान पर एमओयू हस्ताक्षर करने पर भी काम हो रहा है, ताकि क्रिकेटरों को नियमित अभ्यास दिया जा सके।
उनके अनुसार बाढ़ से खासकर श्रीनगर के मैदान पर 5-6 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है लेकिन बीसीसीआई की टीम की रिपोर्ट के बाद ही नुकसान का आकलन होगा। कोचिंग कैंप की प्रक्रिया दिवाली के बाद शुरू की जाएगी। हालांकि कोचिंग कैंपों की प्रक्रिया में देरी से क्रिकेट प्रभावित हो रहा है।
कोचिंग कैंप की खींचतान के बीच सोमवार को जीजीएम साइंस कालेज के हास्टल ग्राउंड पर जम्मू विंग के संयुक्त सचिव सुदर्शन मेहता की ओर से रणजी और अंडर 23 का कोचिंग कैंप शुरू किया गया। मेहता के अनुसार अंडर 23 में 18 खिलाड़ी कैंप में पहुंचे। हालांकि जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के चेयरमैन अरविंद सिंह मिक्की ने एसोसिएशन की ओर से ऐसे किसी कैंप को मान्यता न देने की बात कही है।