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Jammu News: पार्षदों के गले नहीं उतरा अविश्वास प्रस्ताव पर नपा अध्यक्ष का दिखाया गया रिकॉर्ड
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अविश्वास प्रस्ताव लाए पार्षद बोले- उस प्रस्ताव को पार्षदों ने खुद ही ले लिया था वापस
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। नगरपालिका अरनिया के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर नपा के कार्यकारी अधिकारी जोधराज ने शनिवार को बैठक बुलाई। इसमें अध्यक्ष रमेश सैनी ने पुराने अविश्वास प्रस्ताव को लेकर रिकॉर्ड पेश किया, लेकिन वह रिकॉर्ड विपक्षी पार्षदों के गले नहीं उतरा। उनका कहना था कि अध्यक्ष उस अविश्वास प्रस्ताव की बात कर रहे हैं जिसे पार्षदों ने खुद ही वापस ले लिया था। वह अस्तित्व में आया ही नहीं।
अध्यक्ष ने रिकॉर्ड के तौर पर 10 सितंबर 2022 का एक पत्र जारी किया गया, जिसमें उन्होंने दिखाया कि उनके खिलाफ 31 अगस्त को अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया था, और 10 सितंबर को फ्लोर टेस्ट होना था। लेकिन, विपक्षी पार्षद उस बैठक में आए नहीं। इसलिए, वह अध्यक्ष बने रहे। चेयरमैन द्वारा पेश की गई दलील पर विपक्षी पार्षदों ने आपत्ति जाहिर करते हुए बताया कि 31 अगस्त को पेश किया गया अविश्वास प्रस्ताव अस्तित्व में आया ही नहीं था। पार्षदों ने सहमति के साथ उसे पहले ही वापस ले लिया था। इसलिए, फ्लोर टेस्ट होने का कहीं भी जिक्र नहीं किया जा सकता।
दोनों पक्षों के अलग-अलग बयान सुनने के बाद ईओ ने कहा कि वह इस मुद्दे को आला अधिकारियों के संज्ञान में लाएंगे और निदेशक अर्बन लोकल बॉडीज से भी इस मुद्दे पर संज्ञान लेने के लिए कहेंगे। नगरपालिका अधिनियम के तहत सोमवार को बैठक बुलाई जाएगी और उसमें अविश्वास प्रस्ताव को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी। नपा के 8 पार्षदों द्वारा पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव को सही या गलत साबित करने में 10 दिन बीत गए हैं, लेकिन नपा अधिकारी की तरफ से इस संदर्भ में कोई भी रिकॉर्ड सामने नहीं लाया गया। उसके अलावा जो रिकॉर्ड अध्यक्ष ने पेश किया, उसे भी साबित करने में समय लग रहा है। नपा अधिकारी इस पर गंभीरता नहीं दिखा रहे, और इस आपसी खींचतान में कस्बे के विकास कार्यों पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। नगरपालिका अरनिया के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर नपा के कार्यकारी अधिकारी जोधराज ने शनिवार को बैठक बुलाई। इसमें अध्यक्ष रमेश सैनी ने पुराने अविश्वास प्रस्ताव को लेकर रिकॉर्ड पेश किया, लेकिन वह रिकॉर्ड विपक्षी पार्षदों के गले नहीं उतरा। उनका कहना था कि अध्यक्ष उस अविश्वास प्रस्ताव की बात कर रहे हैं जिसे पार्षदों ने खुद ही वापस ले लिया था। वह अस्तित्व में आया ही नहीं।
अध्यक्ष ने रिकॉर्ड के तौर पर 10 सितंबर 2022 का एक पत्र जारी किया गया, जिसमें उन्होंने दिखाया कि उनके खिलाफ 31 अगस्त को अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया था, और 10 सितंबर को फ्लोर टेस्ट होना था। लेकिन, विपक्षी पार्षद उस बैठक में आए नहीं। इसलिए, वह अध्यक्ष बने रहे। चेयरमैन द्वारा पेश की गई दलील पर विपक्षी पार्षदों ने आपत्ति जाहिर करते हुए बताया कि 31 अगस्त को पेश किया गया अविश्वास प्रस्ताव अस्तित्व में आया ही नहीं था। पार्षदों ने सहमति के साथ उसे पहले ही वापस ले लिया था। इसलिए, फ्लोर टेस्ट होने का कहीं भी जिक्र नहीं किया जा सकता।
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दोनों पक्षों के अलग-अलग बयान सुनने के बाद ईओ ने कहा कि वह इस मुद्दे को आला अधिकारियों के संज्ञान में लाएंगे और निदेशक अर्बन लोकल बॉडीज से भी इस मुद्दे पर संज्ञान लेने के लिए कहेंगे। नगरपालिका अधिनियम के तहत सोमवार को बैठक बुलाई जाएगी और उसमें अविश्वास प्रस्ताव को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी। नपा के 8 पार्षदों द्वारा पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव को सही या गलत साबित करने में 10 दिन बीत गए हैं, लेकिन नपा अधिकारी की तरफ से इस संदर्भ में कोई भी रिकॉर्ड सामने नहीं लाया गया। उसके अलावा जो रिकॉर्ड अध्यक्ष ने पेश किया, उसे भी साबित करने में समय लग रहा है। नपा अधिकारी इस पर गंभीरता नहीं दिखा रहे, और इस आपसी खींचतान में कस्बे के विकास कार्यों पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा।
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