कारगिल के मोर्चे पर पलट रहा उमर का दांव
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कारगिल के मोर्चे पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का हर दांव पलट रहा है। लेह और कारगिल की चार सीटों में से तीन पर नेशनल कांफ्रेंस ने उम्मीदवार खड़े नहीं किए हैं। नेकां ने जंस्कार सीट पर एक निर्दलीय पर जिस इस्लामिया स्कूल के समर्थन के बूते दांव लगाया था उसने हाथ खींच लिए हैं।
इस्लामिया स्कूल अब पीडीपी को समर्थन दे रहा है। उमर ने कारगिल से मौजूदा विधायक और अपने राजनीतिक सलाहकार का टिकट काटकर काचो मोहम्मद हुसैन को मैदान में उतारा है। इसी तरह जंस्कार में मेडिकल एजूकेशन के राज्य मंत्री फिरोज अहमद खान भी उमर का भरोसा नहीं जीत पाए।
मंत्री खान और सलाहकार आखून के बगैर ही शीत रेगिस्तान में उतरी नेकां की चुनौतियां बढ़ती दिख रहीं हैं। नेकां इस क्षेत्र की एकमात्र नुब्रा सीट पर नाम्बियाल के भरोसे मैदान में है। नेकां के प्रत्याशियों की सूची ने सियासी पंडितों को भी चौंकाया।
चुनाव की घोषणा से पहले जिस कमर अली आखून को उमर ने अपना राजनीतिक सलाहकार बनाकर मंत्री पद के दर्जे से नवाजा था, वह टिकट नहीं पा सके। यह विधानसभा चुनाव पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला की गैर मौजूदगी में हो रहा है।
नेकां ने मंत्री और सीएम सलाहकार के पर कतरे
फारूक इलाज के क्रम में लंदन में हैं। पिता फारूक की कमी झेल रहे उमर के लिए यह चुनाव असली अग्निपरीक्षा भी है। कुछ पुराने नेता उमर का साथ छोड़ रहे हैं और पार्टी को अपनी जमीन बचाने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है। विधान पार्षद गुलाम रसूल शेख के बाद पूर्व सांसद महबूब बेग ने भी नेकां छोड़ दी है। दूसरी टिकट से वंचित धुरंधरों की चुनौतियां भी सामने हैं।
जंस्कार में नेकां ने अपने मंत्री फिरोज अहमद खान का टिकट काटा और निर्दलीय सैयद मोहम्मद बकीर को समर्थन दिया। इस क्षेत्र में इस्लामिया स्कूल का खासा प्रभाव है। इस्लामिया स्कूल के समर्थन के बूते ही नेकां इस निर्दलीय प्रत्याशी के पीछे खड़ी हुई। पर इस्लामिया स्कूल ने अब पीडीपी के प्रत्याशी इनायत अली को समर्थन का ऐलान कर दिया है।
इस बाबत इस्लामिया स्कूल के अध्यक्ष आगा जमाल और पीडीपी प्रमुख मुफ्ती मोहम्मद में समझौता हो चुका है। इस सीट पर भाजपा के स्टेंजिन लकपा और कांग्रेस के गुलाम रजा भी मैदान में हैं। नेकां ने 2008 के चुनाव में यह सीट जीती थी। इस बार नेकां खुद ही मैदान से बाहर हो गई है। कारगिल नेकां का मजबूत गढ़ रहा है।
इस बार पार्टी ने अपना प्रत्याशी बदल दिया है। कारगिल में भाजपा के अब्दुल अजीज, कांग्रेस के असगर अली, पीडीपी के इनायत अली और नेकां के काचो हुसैन किस्मत आजमा रहे हैं। लेह में नेकां का कोई उम्मीदवार नहीं है। इस सीट पर कांग्रेस के मंत्री नवांग रिगजिन जोरा और भाजपा के छेरिंग दोरजे के बीच सीधा मुकाबला है। कांग्रेस के इस मजबूत किले में भाजपा सेंध लगाने के प्रयास में है।