ऑपरेशन में संयम बरतें सुरक्षा बल: राज्यपाल
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उन्होंने आतंकियों के खिलाफ आपरेशन से पहले तथा बाद में पूरी तरह से सहमति आधारित एक ड्रिल व्यवस्था विकसित करने के लिए कहा। इसके लिए डीजीपी को सुरक्षा एजेंसियों से बातचीत करने का निर्देश भी दिया।
बैठक में राज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि आतंकियों खिलाफ कार्रवाई के दौरान सुरक्षाबलों को ऐसे उपाय करने चाहिए जिससे आम जन को कम से कम असुविधा हो। इसमें उचित प्रतिबंध भी शामिल हैं।
'ऑपरेशन के दौरान आम जन को कम से कम नुकसान हो'
आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की चोट या दुर्भाग्यपूर्ण मौत रोकने के लिए हर प्रकार के उपाय करने को कहा। उन्होंने डीजीपी को उभरती परिस्थितियों से निबटने के लिए गोलाबारी की स्पष्ट प्रक्रियाओं को लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही इस व्यवस्था की समीक्षा भी करने को कहा।
बैठक में कश्मीर घाटी की आतंरिक और बाह्य सुरक्षा की स्थिति की समीक्षा खासकर पुलवामा घटना के परिप्रेक्ष्य में की गई। इस दौरान अलग-अलग एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने उनकी ओर से आतंरिक सुरक्षा को बरकरार रखने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी।
बैठक में राज्यपाल के सलाहकार खुर्शीद अहमद गनेई व परवेज दीवान, मुख्य सचिव, डीजीपी, राज्यपाल के प्रमुख सचिव, गृह सचिव, सेना के 15 कोर के कमांडर, बीएसएफ व सीआरपीएफ के आईजी, डिवकाम व आईजीपी कश्मीर तथा सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।