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J&K: महबूबा मुफ्ती आज पेश करेंगी सरकार बनाने का दावा
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Sat, 26 Mar 2016 12:10 AM IST
सार
- राम माधव ने कहा स्थायी सरकार के लिए पहले तय होंगे मुद्दे
- भाजपा विधायक दल की बैठक में गठबंधन सरकार बनाने पर मुहर लगी
- महबूबा ने भी भाजपा के रुख के बाद राज्यपाल से मिलना टाला
- राज्यपाल ने बुलाया था दोनों दलों के प्रदेश अध्यक्षों को
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महबूबा मुफ्ती और राममाधव
- फोटो : FILE
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विस्तार
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती और भाजपा अध्यक्ष सत शर्मा व पार्टी विधायक दल के नेता डॉ. निर्मल सिंह शनिवार को दोपहर साढ़े तीन बजे राज्यपाल एनएन वोहरा से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सत शर्मा, सांसद जुगल किशोर और वरिष्ठ पीडीपी नेता नईम अख्तर ने प्रस्तावित मुलाकात की पुष्टि की है।
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इससे पहले लग रहा था कि बात बनते-बनते फिर अटक गई है। दिनभर चली मेराथन बैठकों के बाद आखिरकार यह सहमति बनी। शुक्रवार को प्रस्तावित मुलाकात एन वक्त पर टल गई। दोपहर में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सत शर्मा ने पार्टी की बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि राज्यपाल से मुलाकात करने के पहले पीडीपी से बातचीत की जाएगी।
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दोनों दलों के अध्यक्षों को शुक्रवार को राज्यपाल एनएन वोहरा से मिलना था। भाजपा महासचिव राम माधव ने बताया कि दोनों दलों के नेता आपस में चर्चा करने के बाद राज्यपाल से मिलने एक साथ जाएंगे। अटकलें लगने लगीं कि मंत्रिमंडल में भाजपा मंत्रियों की संख्या और महकमों को लेकर पेच फंस गया है।
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मुफ्ती सरकार में अपना पलड़ा हलका रखने वाली भाजपा अब बराबरी का दावा कर रही है। शुक्रवार को दिनभर पीडीपी और भाजपा की बैठकों का दौर चलता रहा। देर शाम भाजपा विधायक बाली भगत के आवास पर दोनों दलों के नेताओं की बैठक हुई। इसके बाद भी बात पूरी तरह बनी नहीं। फिर बातचीत का एक दौर और हुआ, जिसके बाद शनिवार को गवर्नर से मिलना तय हुआ। माना जा रहा है कि 29 मार्च को शपथ ग्रहण हो सकता है।
डॉ. निर्मल बनेंगे उप मुख्यमंत्री
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह
- फोटो : PTI
शुक्रवार को सुबह भाजपा विधायक दल की बैठक में पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार बनाने पर सर्वसम्मति से मुहर लग गई। डॉक्टर निर्मल सिंह को फिर उप मुख्यमंत्री बनाना तय हुआ। वीरवार को पीडीपी विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री पद के लिए महबूबा मुफ्ती को आम सहमति से चुना गया था।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, सांसद जुगल किशोर व शमशेर सिंह मन्हास की मौजूदगी में विधायक दल की बैठक हुई। बैठक के बाद राम माधव ने कहा कि भाजपा राज्य के विकास और स्थिर सरकार के लिए कुछ मुद्दों पर महबूबा मुफ्ती व अन्य नेताओं के साथ चर्चा करना चाहती है।
राज्यपाल से न मिलने के पीछे मंत्री पद के पेच के सवाल पर राम माधव ने कोई जवाब देने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि पीडीपी के साथ कोई मतभेद नहीं हैं, लेकिन, जरूरी मुद्दों पर बातचीत होगी। श्रीनगर से जम्मू पहुंची पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने भी भाजपा के रुख को देखते हुए राज्यपाल से मिलने का कार्यक्रम टाल दिया।
भाजपा पीडीपी में फंसे पेच को सुलझाने के लिए शाम को दोनों पार्टियों के नेताओं की बैठक पूर्व मंत्री बाली भगत के निवास हुई। दोनों तरफ से अपने रुख से गठबंधन सहयोगी दल को अवगत करवा दिया गया।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, सांसद जुगल किशोर व शमशेर सिंह मन्हास की मौजूदगी में विधायक दल की बैठक हुई। बैठक के बाद राम माधव ने कहा कि भाजपा राज्य के विकास और स्थिर सरकार के लिए कुछ मुद्दों पर महबूबा मुफ्ती व अन्य नेताओं के साथ चर्चा करना चाहती है।
राज्यपाल से न मिलने के पीछे मंत्री पद के पेच के सवाल पर राम माधव ने कोई जवाब देने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि पीडीपी के साथ कोई मतभेद नहीं हैं, लेकिन, जरूरी मुद्दों पर बातचीत होगी। श्रीनगर से जम्मू पहुंची पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने भी भाजपा के रुख को देखते हुए राज्यपाल से मिलने का कार्यक्रम टाल दिया।
भाजपा पीडीपी में फंसे पेच को सुलझाने के लिए शाम को दोनों पार्टियों के नेताओं की बैठक पूर्व मंत्री बाली भगत के निवास हुई। दोनों तरफ से अपने रुख से गठबंधन सहयोगी दल को अवगत करवा दिया गया।
वित्त और गृह मंत्रालय चाहती है भाजपा
पत्रकारों से बात करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष
- फोटो : PTI
मिली जानकारी के अनुसार बैठक में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सत शर्मा, विधायक दल के नेता डॉ. निर्मल सिंह और बाली भगत थे, जबकि पीडीपी की तरफ से पूर्व वित्त मंत्री हसीब द्राबु और अब्दुल रहमान वीरी शामिल रहे। करीब डेढ़ घंटे तक चली बैठक में सरकार गठन से पूर्व दोनों दलों के बीच मंत्रालयों के बंटवारे समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई।
वर्तमान में पीडीपी के 27 और भाजपा के 25 विधायक हैं। पीडीपी को एक और भाजपा को दो अन्य विधायकों का समर्थन है। ऐसे में भाजपा चाहती है कि दोनों पार्टियों की मंत्रिमंडल में बराबर की हिस्सेदारी हो। भाजपा की नजर वित्त और गृह मंत्रालय पर है। पिछली सरकार में वित्त मंत्रालय पीडीपी के हसीब द्राबू के पास था।
गृह मंत्रालय मुख्यमंत्री के पास था। उन्होंने अतिरिक्त प्रभार के तौर पर अपने विश्वासपात्र अब्दुल रहमान वीरी को गृह मंत्रालय सौंप दिया था।
उमर ने कहा, दिलचस्प
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सरकार गठबंधन को लेकर उठ रही नई चर्चाओं पर चुटकी ली है। उमर ने ट्विटर पर लिखा, ‘वित्त और योजना विभाग पहले पीडीपी के पास था। सच्चाई यह है कि मुफ्ती सईद योजना का प्रभार संभाले हुए थे। दिलचस्प समय।’
उमर उन चर्चाओं पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे, जिसमें भाजपा ने जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने के लिए वित्त, योजना और गृह जैसे महत्वपूर्ण विभाग मांगे हैं। भाजपा के साथ गठबंधन सरकार बनाने पर उमर ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, ‘कश्मीरियों का फिर से विश्वास हासिल करना महबूबा के लिए कठिन होगा। यह दुखदायी होगा।’
वर्तमान में पीडीपी के 27 और भाजपा के 25 विधायक हैं। पीडीपी को एक और भाजपा को दो अन्य विधायकों का समर्थन है। ऐसे में भाजपा चाहती है कि दोनों पार्टियों की मंत्रिमंडल में बराबर की हिस्सेदारी हो। भाजपा की नजर वित्त और गृह मंत्रालय पर है। पिछली सरकार में वित्त मंत्रालय पीडीपी के हसीब द्राबू के पास था।
गृह मंत्रालय मुख्यमंत्री के पास था। उन्होंने अतिरिक्त प्रभार के तौर पर अपने विश्वासपात्र अब्दुल रहमान वीरी को गृह मंत्रालय सौंप दिया था।
उमर ने कहा, दिलचस्प
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सरकार गठबंधन को लेकर उठ रही नई चर्चाओं पर चुटकी ली है। उमर ने ट्विटर पर लिखा, ‘वित्त और योजना विभाग पहले पीडीपी के पास था। सच्चाई यह है कि मुफ्ती सईद योजना का प्रभार संभाले हुए थे। दिलचस्प समय।’
उमर उन चर्चाओं पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे, जिसमें भाजपा ने जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने के लिए वित्त, योजना और गृह जैसे महत्वपूर्ण विभाग मांगे हैं। भाजपा के साथ गठबंधन सरकार बनाने पर उमर ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, ‘कश्मीरियों का फिर से विश्वास हासिल करना महबूबा के लिए कठिन होगा। यह दुखदायी होगा।’