J&K: पूर्व डीएसपी दविंदर सिंह को अंतरिम जमानत नहीं, पिता के अंतिम संस्कार के लिए 5 दिन की कस्टडी पैरोल मंजूर
एनआईए की विशेष अदालत ने पूर्व डीएसपी दविंदर सिंह की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी, लेकिन पिता के अंतिम संस्कार से जुड़े धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए पांच दिन की कस्टडी पैरोल मंजूर की।
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विशेष एनआईए अदालत ने बर्खास्त डीएसपी दविंदर सिंह की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। हालांकि, मानवीय आधार पर उन्हें पिता के अंतिम संस्कार से जुड़े धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होने के लिए पांच दिन की कस्टडी पैरोल देने की अनुमति दी गई है।
दविंदर सिंह 27 जुलाई से 30 जुलाई तक श्रीनगर स्थित अपने घर पर होने वाले अखंड पाठ और अन्य अंतिम संस्कार कार्यक्रमों में शामिल हो सकेंगे। इस दौरान वह पुलिस हिरासत में रहेंगे और उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच कार्यक्रम स्थल तक ले जाया जाएगा। उन्हें 31 जुलाई को वापस जेल लौटना होगा।
दविंदर सिंह जनवरी 2020 से जम्मू की कोट भलवाल केंद्रीय जेल में बंद हैं। उन्हें दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों को ले जाते समय गिरफ्तार किया गया था। उस समय वह श्रीनगर एयरपोर्ट से जुड़े एंटी-हाइजैकिंग सेल में तैनात थे
मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने की थी और बाद में उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया। वर्ष 2021 में उन्हें पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। उन पर यूएपीए, आर्म्स एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा चल रहा है।
दविंदर सिंह ने अपने पिता दीदार सिंह के निधन के बाद अंतिम संस्कार और अन्य रस्मों में शामिल होने के लिए 20 दिनों की अंतरिम जमानत मांगी थी। एनआईए ने अंतरिम जमानत का विरोध करते हुए कहा कि मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है और आरोपी गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।
एनआईए ने मानवीय आधार पर कस्टडी पैरोल देने पर आपत्ति नहीं जताई थी, बशर्ते पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अदालत ने इसी आधार पर अंतरिम जमानत की जगह सीमित अवधि की कस्टडी पैरोल मंजूर की।