आतंक पर शिकंजाः एनआईए ने घाटी में तीन आरोपियों की संपत्तियां की कुर्क, हिजबुल और जैश के लिए कर रहे थे काम
एनआईए ने फरवरी 2018 में मामले की जांच शुरू की थी और हिजबुल मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। तब से आतंकियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कश्मीर में अपनी कार्रवाई तेज करते हुए बुधवार को पाकिस्तान स्थित विभिन्न प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों से जुड़े तीन आरोपियों की संपत्तियों को कुर्क कर लिया। एनआईए के एक अधिकारी ने बताया कि एजेंसी ने आतंकी संगठनों, उनके सहयोगियों, एजेंटों और ओवर ग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) के खिलाफ कई स्थानों पर छापे मारकर निगरानी बढ़ा दी है।
दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के हरमेन में कार्रवाई
ऐसे मामलों में कार्रवाई करने की दिशा में एजेंसी तेजी से आगे बढ़ रही है। एनआईए ने बुधवार को हिजबुल मुजाहिदीन और जैश-ए-मोहम्मद जैसे प्रतिबंधितआतंकी संगठनों के सदस्यों के दो अलग-अलग मामलों में तीन आरोपियों की अचल संपत्तियों को कुर्क किया। पहले मामले में, एनआईए ने यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम) के तहत दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के हरमेन में दो आरोपियों दौलत अली मुगल और इशाक पाला की अचल संपत्तियों को जब्त कर लिया।
पाला वर्तमान में आगरा की सेंट्रल जेल में बंद
हिजबुल मुजाहिदीन व अल-बदर के लिए काम करने वाला इशाक पाला वर्तमान में आगरा की सेंट्रल जेल में बंद है, जबकि दौलत अली मुगल हिजबुल का एक ओवर ग्राउंड वर्कर था और वर्तमान में जमानत पर है। दौलत पहले श्रीनगर जेल में बंद था। उसने आतंक के पोस्टर ब्वॉय रहे रियाज नाइकू के साथ मिलकर साजिश रची थी। इसके तहत दौलत ने कुपवाड़ा जिले में नियंत्रण रेखा पार कर दानिश गुलाम लोन और सुहैल अहमद भट को सीमा पार जाने और प्रशिक्षण प्राप्त कर देश के खिलाफ जंग छेड़ने में मदद की थी।
अधिकारी ने कहा, एनआईए ने 22 फरवरी, 2019 को इन दोनों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था और 6 अगस्त, 2019 को एनआईए की विशेष अदालत जम्मू द्वारा आरोप तय किए गए थे। एनआईए की विशेष अदालत के आदेश के तहत 5.5 मरला और 3.5 मरला की जमीन जब्त की। जिसमें आरोपी दौलत अली मुगल के गांव मनिगाह कुपवाड़ा स्थित एक दो मंजिला घर और शोपियां जिले के ग्राम अल्लोरा, तहसील हरमेन में इशाक पाला के स्वामित्व वाले में दो कमरे शामिल हैं।
एनआईए ने फरवरी 2018 में मामले की जांच शुरू की थी और ओजीडब्ल्यू/आतंकियों के एक हिजबुल मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। इस मामले में गिरफ्तार और चार्जशीट किए गए अन्य लोगों में दानिश गुलाम लोन, सुहैल अहमद भट, फिरोज़ अहमद लोन शामिल थे, जबकि एक प्रमुख साजिशकर्ता, हिजबुल मुजाहिदीन का शीर्ष आतंकी रियाज़ अहमद नाइकू था जो सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था।
एक अन्य मामले में एनआईए ने जैश-ए-मोहम्मद के ओवर ग्राउंड वर्कर और वर्तमान में हरियाणा की झज्जर जिला जेल में बंद फयाज अहमद माग्रे की पुलवामा के लेथपोरा में 5.5 मरला भूमि पर बनी छह दुकानें जब्त कर लीं। फयाज को एक अगस्त 2018 को जैश आतंकियों के साथ मिलकर लेथपोरा में सीआरपीएफ कैंप पर फिदायीन हमले की साजिश रचने के आरोप में चार्जशीट किया गया था। उसने सीआरपीएफ केंद्र की रेकी की और हमले से पहले और बाद में जैश के आतंकवादियों को रसद सहायता प्रदान की।
लेथपोरा मामले की एनआईए ने 2018 में शुरू की थी जांच
अधिकारी ने कहा, हमले के दौरान, दो आतंकवादी, फरदीन अहमद खांडे और मंज़ूर अहमद बाबा, एक पाकिस्तानी अब्दुल शकूर सीआरपीएफ केंद्र लेथपोरा के अंदर मारे गए। अन्य प्रमुख साजिशकर्ता आतंकवादी, मुदस्सिर खान और सज्जाद उर्फ मुफ्ती वकास (पाकिस्तानी) बाद की मुठभेड़ों में मारे गए।
एनआईए ने फरवरी 2018 में कश्मीर में आतंकवाद और हिंसा के कारनामों को अंजाम देने की आपराधिक साजिश की जांच शुरू की। जांच से जैश के ओवर ग्राउंड वर्कर्स के एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ हुआ। इसमें फैयाज अहमद माग्रे के अलावा निसार अहमद तांत्रे, सैयद हिलाल अंद्राबी, इरशाद अहमद रेशी शामिल थे। इन सभी को बाद में एनआईए की ओर से चार्जशीट किया गया था।