फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   NHPC started checking feasibility of Savalkot hydroelectric project on Chenab river in Jammu

जम्मू: सावलकोट पन बिजली परियोजना से उम्मीद, ठंडे बस्ते में बरसर

Sun, 11 Sep 2022 03:12 PM IST
kumar गुलशन कुमार संजीव दुबे, जम्मू
संजीव दुबे, जम्मू Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Sun, 11 Sep 2022 03:12 PM IST
सार

एनएचपीसी जम्मू संभाग में चिनाब दरिया पर अब तक सबसे बड़ी परियोजना सावलकोट की व्यवहारिकता जांचने में जुट गई है। परियोजना के लिए वन क्लीयरेंस के अलावा अन्य विभागों से अनुमति की प्रक्रिया को शुरू कर दिया है।

विज्ञापन
NHPC started checking feasibility of Savalkot hydroelectric project on Chenab river in Jammu
उत्तराखंड में बिजली हुई महंगी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश व राष्ट्र की बिजली जरूरत को पूरा करने के लिए एनएचपीसी जम्मू संभाग में चिनाब दरिया पर अब तक सबसे बड़ी परियोजना सावलकोट की व्यवहारिकता जांचने में जुट गई है। परियोजना के लिए वन क्लीयरेंस के अलावा अन्य विभागों से अनुमति की प्रक्रिया को शुरू कर दिया है। हालांकि चिनाब दरिया पर प्रस्तावित 1000 मेगावाट पन बिजली उत्पादन क्षमता की बरसर पन बिजली परियोजना व्यवहारिकता न बन पाने व सिंचाई संबंधित मुद्दों पर ठंडे बस्ते में चली गई है।

विज्ञापन


आधिकारिक सूत्रों के अनुसार सावलकोट पन बिजली परियोजना की डीपीआर के तहत 19020.99 करोड़ की अनुमानित राशि से 96 माह में परियोजना का निर्माण होना है। जिला रामबन और उधमपुर में चिनाब दरिया पर परियोजना का निर्माण प्रस्तावित है। परियोजना के तकनीकी पहलुओं के अनुसार 192.5 मीटर का हाई कंक्रीट डैम तैयार किया जाएगा। अंडर ग्राउंड पावर हाउस के अलावा डाइवर्जन टनल का निर्माण भी होगा। व्यवहारिकता व अन्य औपचारिकताओं को पूरा करने और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद परियोजना को शुरू किया जाएगा। 
विज्ञापन


अभी तक हो पाया सिर्फ 3263 मेगावाट पन बिजली का दोहन

जम्मू-कश्मीर में पन बिजली उत्पादन की क्षमता बीस हजार मेगावाट है, लेकिन अभी तक 3263 मेगावाट का ही दोहन हो पाया है। प्रदेश की अपनी 21 परियोजनाओं से 1211 मेगावाट व केंद्र सरकार के तहत सात परियोजनाओं से 2009 मेगावाट पन बिजली का उत्पादन हो रहा है। प्रदेश में बिजली की मांग बढ़कर 4000 मेगावाट को पार जा चुकी है। ऐसे में बिजली की खरीद व अघोषित कटौती के बावजूद भी गर्मी में जम्मू संभाग व सर्दी में कश्मीर में बिजली संकट जैसे हालात पैदा हो जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



सावलकोट परियोजना की डीपीआर को मंजूरी मिल चुकी है। अब व्यवहारिकता जांचने का काम तेजी से चल रहा है। रामबन और उधमपुर जिले में परियोजना का निर्माण प्रस्तावित है। - दीपक सहगल, कार्यकारी निदेशक, एनएचपीसी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed